:: इंदौर में बोले केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया- अमेरिका से ट्रेड डील भारत के लिए गेम चेंजर, निर्यातकों को होगा दोगुना फायदा ::
इंदौर । केंद्रीय श्रम, रोजगार एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को इंदौर में भारत के वैश्विक प्रभाव और आर्थिक शक्ति से जुड़ी दो बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि भारत ने वर्ष 2047 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए बिडिंग (दावेदारी) कर दी है, वहीं 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भारत को मिल चुकी है, जिसका आयोजन अहमदाबाद में किया जाएगा। बजट की उपलब्धियां बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर करार दिया।
संभागीय भाजपा कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए मांडविया ने कहा, आजादी के बाद से भारत ने खेलों में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन अब हम आयोजन के क्षेत्र में भी विश्व का नेतृत्व करने को तैयार हैं। 2030 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी जोर-शोर से शुरू हो चुकी है। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के समक्ष हमने 2047 के ओलंपिक के लिए प्रबल दावेदारी पेश की है और हमें पूर्ण विश्वास है कि भारत को यह गौरव प्राप्त होगा।
:: ट्रेड डील : निर्यातकों के लिए डबल इंजन मुनाफ़ा ::
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अमेरिका द्वारा टैरिफ में कटौती करने से भारतीय उद्यमियों को दोहरा लाभ मिलेगा। उन्होंने विस्तार से बताया, जब अमेरिका ने पूर्व में 50% टैरिफ लगाया था, तब हमारे ट्रेडर्स ने नए वैश्विक बाजार तलाश लिए थे। अब टैक्स की दरें घटने से हमारे पास अमेरिकी बाजार की पुरानी पहुंच वापस आ गई है और नए बाजार भी बरकरार हैं। इससे निर्यातकों को दोगुना मुनाफा होगा। उन्होंने इसे भारतीय उद्यमियों के कौशल और सरकार की प्रभावी कूटनीति का परिणाम बताया।
:: स्वरोजगार और कौशल विकास पर बजट का फोकस ::
बेरोजगारी के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की नीति भत्ता देने के बजाय कौशल देने की है। उन्होंने कहा कि इस बार के बजट में एमएसएमई के लिए 10,000 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड निर्धारित किया गया है। सरकार का लक्ष्य युवाओं का स्किल एनहैंसमेंट (कौशल संवर्धन) कर उन्हें स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना है, जिससे वे जॉब सीकर के बजाय जॉब क्रिएटर बन सकें।
:: कामगारों की सामाजिक सुरक्षा सर्वोपरि ::
मांडविया ने मानवीय पक्ष रखते हुए कहा कि यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ हुए ट्रेड समझौतों में पहली बार भारतीय कामगारों की सोशल सिक्योरिटी को अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है। यह कदम विदेशों में काम करने वाले भारतीयों के हितों की रक्षा के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने वर्ष 2026-27 के बजट को विकसित भारत @2047 का ब्लूप्रिंट बताया।

