इंदौर के स्वच्छता मॉडल की देशभर में गूंज : रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ दल ने परखा शहर का सफाई प्रबंधन

इंदौर

:: नेशनल डिफेंस कॉलेज के 14 सदस्यीय दल ने किया कचरा प्रबंधन का अवलोकन; बायो-सीएनजी और जीरो वेस्ट सिटी के प्रयासों को सराहा ::
इंदौर । स्वच्छता में सात बार से देश का सिरमौर इंदौर अब केवल नगर पालिकाओं के लिए ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संस्थानों के लिए भी अध्ययन का केंद्र बन गया है। इसी कड़ी में भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय (एनडीसी), नई दिल्ली के 14 सदस्यीय उच्च स्तरीय दल ने इंदौर नगर निगम के विश्वस्तरीय स्वच्छता मॉडल का विस्तृत अवलोकन किया। दल ने शहर में कचरा संग्रहण से लेकर उसके वैज्ञानिक निपटान तक की पूरी कार्यप्रणाली को बारीकी से समझा।
सिटी बस ऑफिस में निगामायुक्त क्षितिज सिंघल ने दल का स्वागत किया। इस दौरान एक विस्तृत प्रेजेंटेशन के माध्यम से अधिकारियों को इंदौर की स्वच्छता यात्रा, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, जीरो वेस्ट सिटी के संकल्प और बायो-सीएनजी उत्पादन की तकनीक के बारे में जानकारी दी गई। आयुक्त ने बताया कि इंदौर ने किस तरह कचरा पेटियों को पूरी तरह समाप्त कर डोर-टू-डोर संग्रहण प्रणाली को जीपीएस निगरानी के साथ लागू किया है। वर्तमान में शहर में 6 प्रकार के कचरे का पृथक्करण किया जा रहा है, जो देश के लिए एक मिसाल है।
:: तकनीकी केंद्रों का जमीनी निरीक्षण ::
अध्ययन दल ने केवल फाइलों में नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर नगर निगम की व्यवस्थाओं को देखा। दल के सदस्यों ने आईसीसीसी सेंटर, गारबेज ट्रांसफर स्टेशन (जीटीएस), ट्रेंचिंग ग्राउंड स्थित एशिया के सबसे बड़े बायो-सीएनजी प्लांट और सी एंड डी वेस्ट प्लांट का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने देखा कि कैसे शहर के गीले कचरे से न केवल गैस बनाई जा रही है, बल्कि मलबे (C&D Waste) को भी निर्माण सामग्री में बदला जा रहा है।
:: जनभागीदारी को बताया सफलता का मंत्र ::
निरीक्षण के बाद रक्षा दल के अधिकारियों ने इंदौर नगर निगम के कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि इंदौर का मॉडल न केवल प्रभावशाली है, बल्कि तकनीकी रूप से भी अत्यंत उन्नत है। दल ने विशेष रूप से थैला बैंक, बर्तन बैंक और जीरो वेस्ट इवेंट जैसे नवाचारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इंदौर ने स्वच्छता को एक सरकारी कार्यक्रम से बदलकर एक जनआंदोलन बना दिया है। दल के अनुसार, इंदौर का यह सफल प्रयोग देश के अन्य शहरों और संस्थानों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।