:: मेट्रो और छिंदवाड़ा एयरपोर्ट का श्रेय कांग्रेस को दिया; 450 रू. के सिलेंडर के वादे पर सरकार को घेरा ::
इंदौर । कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद नकुल नाथ ने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार की नीतियों और विकास के दावों पर कड़ा प्रहार किया है। इंदौर प्रवास के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने राज्य की वर्तमान स्थिति को निराशाजनक बताया और कहा कि लंबे समय से सत्ता में काबिज भाजपा ने प्रदेश को विकास की दौड़ में पीछे धकेल दिया है।
नकुल नाथ ने प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा, अगर हम मध्य प्रदेश के विकास की बात करें, तो मेरा मानना है कि आज प्रदेश विकास की सीढ़ी में सबसे नीचे के पायदान पर खड़ा है। इतने वर्षों से भाजपा यहाँ शासन कर रही है, लेकिन परिणाम शून्य हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता अब खोखले वादों और हकीकत के बीच का अंतर समझ चुकी है।
विकास कार्यों के श्रेय को लेकर छिड़ी बहस में नकुल नाथ ने स्पष्ट किया कि इंदौर की सूरत बदलने वाले बड़े प्रोजेक्ट्स कांग्रेस की देन हैं। उन्होंने कहा, आज इंदौर में जो मेट्रो का निर्माण कार्य आप देख रहे हैं, वह 18 महीने की कांग्रेस सरकार का बड़ा योगदान है। हमने प्रदेश के आधुनिकीकरण का जो सपना देखा था, यह उसी का हिस्सा है।
छिंदवाड़ा में एयरपोर्ट निर्माण की हालिया घोषणा पर मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा, दो दिन पहले मुख्यमंत्री जी ने घोषणा की कि छिंदवाड़ा में एयरपोर्ट बनेगा। मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूँ कि इस एयरपोर्ट की पूरी प्लानिंग और सभी जरूरी मंजूरियां कांग्रेस सरकार के समय ही मिल चुकी थीं। भाजपा केवल पुरानी योजनाओं का नया फीता काट रही है।
महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए नकुल नाथ ने चुनावी घोषणाओं की याद दिलाई। उन्होंने जनता से सीधे संवाद के लहजे में पूछा, सरकार ने वादा किया था कि वे 450 रूपये में गैस सिलेंडर मुहैया कराएंगे। आज मैं पूछना चाहता हूँ कि क्या यह सुविधा मिल रही है? और यदि मिल रही है, तो आज सिलेंडर की वास्तविक कीमत क्या है? जनता के साथ यह सरासर वादाखिलाफी है।
नकुल नाथ ने कमलनाथ सरकार के 18 महीने के कार्यकाल को परिवर्तन का काल बताते हुए कहा कि उस छोटे से समय में प्रदेश ने विकास की एक नई दिशा देखी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास गिनाने के लिए अपनी कोई मौलिक उपलब्धि नहीं है, इसलिए वे कांग्रेस के कामों को अपना बता रहे हैं।
नकुल नाथ के इस आक्रामक रुख ने राज्य की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है, जिसे आगामी चुनाव की तैयारियों के रूप में देखा जा रहा है।

