प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात को रु. 19,800 करोड़ की विकास परियोजनाओं की ऐतिहासिक सौगात दी

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बनासकांठा | ‘विकसित भारत के लिए विकसित गुजरात’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सीमावर्ती क्षेत्र वाव-थराद से पूरे गुजरात को रु. 19,800 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात दी। “विरासत, विकास और विश्वास” की इस पावन धरती से प्रधानमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों से संबंधित परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर उन्हें जनता को समर्पित किया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने बताया कि उनका विमान सीधे डीसा एयरबेस पर उतरा, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा से मात्र 130 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और देश की सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत रणनीतिक महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि यह एयरबेस परियोजना वर्षों तक फाइलों में लंबित पड़ी रही, क्योंकि पूर्ववर्ती केंद्र सरकार की गुजरात के प्रति उदासीनता थी। वर्तमान सरकार ने इस परियोजना को गति देकर पूरा किया, जिससे क्षेत्र में रोजगार और विकास के नए अवसर उत्पन्न हुए हैं।
उत्तर गुजरात के साथ अपने भावनात्मक जुड़ाव को साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “बनासकांठा का शायद ही कोई ऐसा गांव होगा, जहां मेरी यादें न जुड़ी हों।” उन्होंने पुराने कार्यकर्ताओं को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि इस क्षेत्र के लोगों का स्नेह तथा ‘बाजरे के रोटला और लहसुन की चटनी’ का स्वाद वे कभी नहीं भूल सकते। साथ ही उन्होंने संतोष जताया कि आज की युवा पीढ़ी भी उसी समर्पण के साथ संगठनात्मक कार्यों को आगे बढ़ा रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि लगभग 25 वर्ष पूर्व इस क्षेत्र के विकास की जो जिम्मेदारी जनता ने उन्हें सौंपी थी, उसे आज भी ‘मिशन मोड’ में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दशकों तक उपेक्षा और कठिनाइयों का सामना करने वाले इस क्षेत्र में अब विकास की नई धारा बह रही है। वर्ष 2014 के बाद ‘डबल इंजन सरकार’ की शक्ति मिलने से विकास कार्यों की गति दोगुनी हुई है।
उन्होंने बताया कि ऊर्जा, सड़क, रेलवे और आवास क्षेत्र से जुड़ी इन परियोजनाओं से न केवल बनासकांठा, बल्कि पूरे उत्तर गुजरात का कायाकल्प होगा। इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा। विशेष रूप से सड़क और रेलवे नेटवर्क के विस्तार से उद्योगों और किसानों के लिए नए अवसर खुलेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में विश्व का केंद्र बनता जा रहा है। खावड़ा सोलर पार्क के माध्यम से लगभग 4 गीगावॉट बिजली का उत्पादन होगा, जो कृषि और औद्योगिक विकास के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हजारों परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हुआ है, जिसका श्रेय उन्होंने जनता के समर्थन को दिया।
उन्होंने उत्तर गुजरात में जल संकट की समस्या के समाधान का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले यह क्षेत्र दुष्काल और पानी की कमी से जूझता था, लेकिन ‘सुजलाम सुफलाम योजना’ और नर्मदा के जल से आज यहां की कृषि समृद्ध बनी है।
शहरी विकास के क्षेत्र में प्रगति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि वर्ष 2005 में ‘शहरी विकास वर्ष’ के रूप में शुरू किए गए अभियान का बजट जहां मात्र रु. 650 करोड़ था, वह आज बढ़कर रु. 33,000 करोड़ से अधिक हो गया है। इसके साथ ही, नौ नई महानगरपालिकाओं के लिए रु. 2000 से रु. 3000 करोड़ के लगभग 300 प्रस्ताव स्वीकृति के लिए आए हैं और 72 नगरपालिकाओं को अपग्रेड किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात सरकार का इस वर्ष का बजट रु. 4 लाख करोड़ से अधिक का है, जो गांवों, कस्बों और शहरों के समग्र विकास पर केंद्रित है। इससे राज्य में बुनियादी सुविधाओं और आधारभूत ढांचे में व्यापक सुधार होगा।
वैश्विक परिस्थितियों पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज विश्व के कई देश युद्ध, अशांति और अस्थिरता से जूझ रहे हैं, विशेष रूप से पश्चिम एशिया की स्थिति का प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ा है। इसके बावजूद भारत ने अपनी मजबूत विदेश नीति और नागरिकों की एकता के बल पर ईंधन की कीमतों और महंगाई को नियंत्रण में रखा है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वैश्विक संकट के समय जहां देश को एकता और सहयोग की आवश्यकता है, वहीं कुछ राजनीतिक दल अपने स्वार्थ के लिए भय और अफवाह फैलाने में लगे हैं। उन्होंने जनता से सतर्क रहने और देशहित में एकजुट रहने की अपील की।
अंत में प्रधानमंत्री ने मातृशक्ति को नमन करते हुए अंबाजी मंदिर और भगवान श्री धरणीधर के चरणों में वंदन किया तथा महावीर जयंती के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।