:: भोपाल में खुलेगा अत्याधुनिक वित्तीय प्रशिक्षण संस्थान; किसानों, छात्रों और बुनियादी ढांचे के लिए खुला सरकारी खजाना ::
भोपाल/इंदौर । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण की दिशा में कई क्रांतिकारी निर्णय लिए गए। राज्य सरकार ने विभिन्न विकास कार्यों और महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए कुल 16,720 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि को स्वीकृति प्रदान की है। इस बैठक में मुख्य रूप से शिक्षा, कृषि, सिंचाई और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
:: उज्जैन में उतर सकेंगे बड़े एयरबस विमान ::
धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से वैश्विक महत्व रखने वाले उज्जैन की शासकीय हवाई पट्टी को अब बोइंग 320 एयरबस विमानों के संचालन के अनुकूल विकसित किया जाएगा। इसके विस्तार के लिए कैबिनेट ने 437.5 एकड़ भूमि अधिग्रहित करने और 590 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इससे आगामी सिंहस्थ-2028 और महाकाल दर्शन के लिए आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं को सीधी हवाई कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
:: किसानों को सिंचाई और उपार्जन का संबल ::
- कातना सिंचाई परियोजना : मंदसौर जिले की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 88.41 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इससे भानपुरा तहसील के 12 ग्रामों की 3500 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा मिलेगी।
- चना-मसूर खरीदी : रबी विपणन वर्ष 2026-27 से आगामी तीन वर्षों के लिए चना एवं मसूर के उपार्जन हेतु 3,174 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत चने का 25 प्रतिशत और मसूर का शत-प्रतिशत उपार्जन किया जाएगा।
:: शिक्षा क्षेत्र में बड़े निवेश को मंजूरी :: - निःशुल्क पुस्तकें : कक्षा 9वीं से 12वीं तक के सभी शासकीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं को मुफ्त पुस्तकें प्रदान करने के लिए 693 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
- आर.टी.ई. प्रतिपूर्ति : निजी स्कूलों में निःशुल्क पढ़ रहे बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति योजना के लिए वर्ष 2030-31 तक 3,039 करोड़ रुपये की निरंतरता को मंजूरी दी गई।
- पीएमश्री स्कूल : प्रदेश में पीएमश्री स्कूलों के विस्तार के लिए राज्यांश के रूप में 940 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
:: भोपाल में बनेगा वित्तीय प्रशिक्षण संस्थान ::
प्रशासनिक कार्यकुशलता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए भोपाल स्थित नरोन्हा प्रशासनिक अकादमी परिसर में वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (एफटीआरआई) की स्थापना की जाएगी। अगले तीन वर्षों में इसके संचालन पर 26 करोड़ रुपये व्यय होंगे। यह संस्थान वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए मानकीकृत प्रशिक्षण देगा। साथ ही, प्रदेश की 7 लेखा प्रशिक्षण शालाओं का इसमें चरणबद्ध एकीकरण किया जाएगा।
:: वन संरक्षण और छात्र सहायता पर भी मुहर ::
कैबिनेट ने वन क्षेत्रों के पुनरुत्पादन और संरक्षण कार्यों के लिए अगले 5 वर्षों हेतु 5,215 करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की है। इसके अतिरिक्त, दिल्ली के उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत मध्यप्रदेश के अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को 10 हजार रुपये मासिक सहायता देने का निर्णय भी लिया गया है। वाणिज्यिक कर विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए भी 2,952 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया।

