:: मार्ग चौड़ीकरण का निरीक्षण : श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश ::
इंदौर/उज्जैन । सिंहस्थ-2028 की भव्यता और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर प्रदेश सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को उज्जैन प्रवास के दौरान हरसिद्धि पाल से रामघाट मार्ग के चौड़ीकरण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पौराणिक और धार्मिक नगरी उज्जैन में विकास कार्य इस दूरदर्शिता के साथ किए जा रहे हैं कि इनका लाभ स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं को लंबे समय तक मिलता रहे। मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सभी धर्मों के नागरिकों द्वारा मिल रहे सहयोग की प्रशंसा करते हुए कहा कि उज्जैन की जनता सहयोग की एक नई मिसाल पेश कर रही है।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण हों। उन्होंने कहा कि घाटों और मार्गों का चौड़ीकरण सिंहस्थ के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ के सुगम आवागमन के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी और विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि सरकार इन सभी विकास कार्यों की सतत मॉनिटरिंग कर रही है।
मार्ग चौड़ीकरण के अवलोकन के पश्चात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होमगार्ड द्वारा आयोजित बाढ़ बचाव प्रशिक्षण शिविर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे जवानों का उत्साहवर्धन किया और आपदा प्रबंधन की बारीकियों को समझा। डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट संतोष कुमार जाट ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 250 जवानों को 15 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें डीप डाइविंग, अंडर वॉटर रेस्क्यू, लाइफ जैकेट का उपयोग और नाव संचालन जैसी महत्वपूर्ण विधाएं सिखाई जा रही हैं। यह दस्ता सिंहस्थ और वर्षा काल के दौरान आपदा प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम के दौरान संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह और एडीजीपी राकेश गुप्ता ने मुख्यमंत्री को सुरक्षा और प्रबंधन संबंधी तैयारियों का ब्यौरा दिया। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जन-सहयोग और प्रशासनिक तत्परता के समन्वय से सिंहस्थ-2028 का आयोजन ऐतिहासिक होगा। अंत में उन्होंने उपस्थित जवानों और अधिकारियों से चर्चा कर व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाने के सुझाव भी लिए।

