मुंबई एयरपोर्ट पर एआईएएसएल कर्मचारियों की अचानक हड़ताल से एयर इंडिया की सेवाएं ठप, यात्रियों को घंटों करना पड़ा इंतजार

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मुंबई, । मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर कल उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान सेवाएं अचानक बुरी तरह प्रभावित हो गईं। इस अव्यवस्था की मुख्य वजह ग्राउंड हैंडलिंग का काम संभालने वाली कंपनी ‘एआई एयरपोर्ट सर्विसेज़ लिमिटेड (एआईएएसएल)’ के कर्मचारियों की अचानक शुरू हुई हड़ताल रही। इस हड़ताल के कारण एयरपोर्ट का सामान्य संचालन पूरी तरह चरमरा गया। हैदराबाद से मुंबई पहुंचे एक विमान के यात्रियों को रनवे पर सुरक्षित लैंडिंग के बाद भी करीब एक घंटे तक विमान के अंदर ही बैठाकर रखा गया। यात्रियों को बाहर निकलने की अनुमति मिलने के बाद भी परेशानियां खत्म नहीं हुईं, क्योंकि उन्हें अपना सामान लेने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मुंबई से उड़ान भरने वाली कई फ्लाइट्स देरी से रवाना हुईं, जबकि कुछ उड़ानों के समय में भी बदलाव करना पड़ा। एयरपोर्ट के अलग-अलग हिस्सों में यात्रियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई यात्री सूचना केंद्रों के बाहर खड़े होकर कर्मचारियों से बहस करते नजर आए। सोशल मीडिया पर भी इस अव्यवस्था के कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। यात्रियों ने एयर इंडिया प्रबंधन पर जमकर नाराजगी जताई। मंगलुरु जाने वाले एक यात्री ने गुस्से में कहा कि अगर एयरलाइन सही तरीके से संचालन नहीं कर सकती, तो उसे दोबारा सरकार के हवाले कर देना चाहिए। वहीं दिल्ली से मुंबई पहुंचे यात्रियों ने शिकायत की कि लैंडिंग के काफी समय बाद भी उनका सामान नहीं मिला और सहायता के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। कोच्चि जाने वाली फ्लाइट AI-2517 के एक यात्री ने बताया कि उनकी फ्लाइट दोपहर 1.30 बजे रवाना होनी थी, लेकिन वे लंबे समय तक एयरपोर्ट पर फंसे रहे। पूछताछ करने पर उन्हें सिर्फ इतना बताया गया कि एयरपोर्ट कर्मचारियों से जुड़े कुछ मुद्दों के कारण देरी हो रही है। बढ़ते विवाद और यात्रियों की नाराजगी के बाद एयर इंडिया ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति पर खेद जताया। कंपनी ने कहा कि मुंबई एयरपोर्ट पर थर्ड-पार्टी ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसी के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण उड़ान सेवाएं प्रभावित हुई हैं। एयरलाइन के अनुसार, हालात को जल्द सामान्य बनाने के लिए एयरपोर्ट पर मौजूद टीम संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार काम कर रही थी।