मुंबई । मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर पिछले दो वर्षों में सोने की तस्करी के मामलों में कमी आई है, लेकिन इसके उलट मादक पदार्थों की तस्करी में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अधिकारियों का मानना है कि सोने की तस्करी में मुनाफा कम होने के कारण तस्करों ने अब ड्रग्स की तस्करी की ओर रुख कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023-24 के दौरान 1463 मामलों में करीब 999 किलो सोना जब्त किया गया था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 531 करोड़ रुपये आंकी गई थी। इसके बाद सोने की तस्करी में लगातार गिरावट देखने को मिली। वर्ष 2024-25 में 723 मामलों में 501 किलो सोना जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 329 करोड़ रुपये थी। वहीं, 2025-26 में अब तक 139 मामलों में 80 किलो सोना जब्त किया गया है, जिसकी कीमत लगभग 84 करोड़ रुपये बताई गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, सोने पर आयात शुल्क में कमी आने के कारण इसकी अवैध तस्करी में गिरावट आई है।
- ड्रग्स तस्करी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
सोने की तस्करी कम होने के साथ-साथ मादक पदार्थों की तस्करी में लगातार इजाफा हो रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, सबसे ज्यादा तस्करी गांजे की हो रही है, जिसमें विशेष रूप से हाइड्रोपोनिक गांजा शामिल है। जानकारी के अनुसार, यह गांजा बैंकॉक, हांगकांग, सिंगापुर, कुआलालंपुर और कोलंबो जैसे अंतरराष्ट्रीय मार्गों के जरिए मुंबई तक पहुंचाया जाता है। सीमा शुल्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि ड्रग्स तस्कर नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वर्ष 2022-23 में 14 मामलों में 24 किलो मादक पदार्थ जब्त किए गए थे, जिनकी कीमत करीब 186 करोड़ रुपये थी। वहीं 2025-26 में फरवरी तक 235 मामलों में लगभग 1395 किलो मादक पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं, जिनकी कीमत करीब 1512 करोड़ रुपये आंकी गई है। - एयर इंटेलिजेंस यूनिट की बड़ी कार्रवाई
सीमा शुल्क विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने अलग से कार्रवाई करते हुए 2025-26 में 235 मामलों में कुल 1396 किलो गांजा जब्त किया है। अधिकारियों के अनुसार, तस्करी का पता लगाने के लिए संदिग्ध यात्रियों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाती है। अधिकारियों ने बताया कि यदि किसी यात्री की गतिविधियां संदिग्ध लगती हैं, तो मौके पर ही पूछताछ की जाती है। इसके अलावा यात्री और उसके सामान की एक्स-रे स्कैनिंग, बैग की गहन जांच, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, जूतों तथा विमान में उसकी सीट तक की तलाशी ली जाती है। इसके साथ ही राजस्व खुफिया निदेशालय और नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो से मिलने वाली गुप्त सूचनाओं के आधार पर ड्रग्स तस्करों के नेटवर्क का पता लगाया जाता है। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय तस्करी गिरोहों पर नजर रखने के लिए लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है।

