-उत्तर भारत के अस्पतालों और बिजली व्यवस्था पर बढ़ा दबाव
नई दिल्ली । भारतीय परंपरा में सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के बाद शुरू होने वाले नौ दिनों को ‘नौतपा’ कहा जाता है। इसे वर्ष का सबसे गर्म दौर माना जाता है। इस बार नौतपा की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत के कई राज्यों में तापमान तेजी से बढ़ा है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होने लगा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने और सूखी गर्म हवाओं के कारण तापमान लगातार ऊपर जा रहा है।
ग्रामीण इलाकों में स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। दोपहर के समय खेतों में काम करना मुश्किल हो गया है। कई किसान अब सुबह जल्दी या शाम ढलने के बाद ही खेतों की ओर जा रहे हैं। शहरों में भी भीषण गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहर लखनऊ, कानपुर और वाराणसी आदि में दोपहर के समय सड़कें अपेक्षाकृत सूनी नजर आ रही हैं और बाजारों में भीड़ कम हो गई है। लखनऊ के हजरतगंज इलाके में लोगों को राहत देने के लिए ट्रैफिक सिग्नलों पर हरे रंग की शेड लगाई गई हैं। कई चौराहों पर पानी का छिड़काव भी कराया जा रहा है ताकि तापमान का असर कम किया जा सके।
गर्मी के साथ मरीजों की संख्या बढ़ी
इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं पर भी गर्मी का दबाव बढ़ता जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर, उल्टी और लू के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। राज्य सरकार ने अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग सबसे अधिक जोखिम में हैं। डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है। पर्याप्त पानी पीने और शरीर को हाइड्रेटेड रखने पर जोर दिया जा रहा है।
बिजली व्यवस्था पर पड़ा रबाव
भीषण गर्मी का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। शहरों और गांवों में एसी, कूलर और पंखों का इस्तेमाल बढ़ने से बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। कई स्थानों पर ट्रांसफार्मरों को ठंडा रखने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। गोंडा समेत कई जिलों में बिजली विभाग के कर्मचारी ट्रांसफार्मरों पर लगातार पानी का छिड़काव कर रहे हैं ताकि सप्लाई बाधित न हो।
धार्मिक स्थलों पर विशेष व्यवस्था
बढ़ती गर्मी को देखते हुए अनेक धार्मिक स्थलों पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। खासतौर पर नौतपा के दिनों को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। अयोध्या में मंदिरों में भगवान को शीतलता पहुंचाने के लिए चंदन, फूल और शीतल पेयों का उपयोग किया जा रहा है। संतों के अनुसार नौतपा का धार्मिक महत्व भी विशेष माना जाता है और इस दौरान दान-पुण्य का महत्व बढ़ जाता है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण होंगे। यदि तापमान इसी तरह बना रहा तो बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव और बढ़ सकता है। लोगों की निगाहें अब मौसम में बदलाव और बारिश की संभावना पर टिकी हुई हैं।

