-मीमंदर के घने बाग में चल रही मुठभेड़, सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने चारों ओर से घेरा, विक्टर फोर्स संभाल रही मोर्चा
श्रीनगर । जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले के मीमंदर इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के दो खूंखार आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का संयुक्त अभियान रविवार को भी जारी रहा। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने शनिवार से दोनों आतंकियों को घेर रखा है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार दोनों आतंकी स्थानीय निवासी हैं और घने बाग के भीतर छिपे हुए हैं। पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है ताकि वे किसी भी दिशा से फरार न हो सकें।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को तकनीकी निगरानी के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को मीमंदर इलाके में दोनों आतंकियों की मौजूदगी के संकेत मिले थे। इसके बाद शनिवार को तलाशी अभियान शुरू किया गया। जैसे ही सेना की टीम संदिग्ध स्थान के करीब पहुंची, आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई के बाद मुठभेड़ शुरू हो गई, जो अब भी जारी है। खुफिया एजेंसियों ने घिरे आतंकियों की पहचान कुलगाम जिले के रहने वाले जाकिर गनी और लतीफ भट के रूप में की है। जाकिर गनी को लश्कर-ए-तैयबा का ए श्रेणी का कमांडर माना जाता है। वह वर्ष 2024 से घाटी में सक्रिय है और कई आतंकी मामलों में वांछित है। अक्टूबर 2025 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने उसके खिलाफ उद्घोषणा नोटिस भी जारी किया था। वहीं, लतीफ भट पिछले वर्ष आतंकी संगठन में शामिल हुआ था और जाकिर के साथ मिलकर संगठन का स्थानीय नेटवर्क संचालित कर रहा था।
गर्मियों में बागों की घनी हरियाली और पेड़ों के कारण अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। आतंकियों को किसी भी तरह की आड़ न मिल सके, इसके लिए सेना की विशेष आतंकवाद विरोधी इकाई विक्टर फोर्स ने मोर्चा संभाल लिया है। रात के समय पूरे इलाके को हाई-बीम लाइटों से रोशन किया गया है, ताकि आतंकियों के भागने की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जा सके। सुरक्षा कारणों से आसपास के चार गांवों को भी खाली करा लिया गया है और घेराबंदी को और मजबूत किया गया है।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार शोपियां दक्षिण कश्मीर को मध्य कश्मीर और पीर पंजाल क्षेत्र से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण ट्रांजिट कॉरिडोर है। ऐसे में जाकिर गनी और लतीफ भट जैसे स्थानीय कमांडरों को निष्क्रिय करना लश्कर-ए-तैयबा के लॉजिस्टिक नेटवर्क को कमजोर करने और स्थानीय स्तर पर नई आतंकी भर्ती पर रोक लगाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। अंतिम समाचार मिलने तक क्षेत्र में रुक-रुक कर गोलीबारी जारी थी और सुरक्षा बल अत्यधिक सतर्कता के साथ अभियान को आगे बढ़ा रहे थे।

