इंदौर में संभाग स्तरीय पुलिस कार्यशाला में अधिकारियों को दिया प्रशिक्षण; पुलिस कमिश्नर बोले- पारदर्शी और समयबद्ध सत्यापन नागरिकों के विश्वास से जुड़ा ::
इंदौर । पासपोर्ट सेवाओं को आमजन के लिए अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से बुधवार को पुलिस कमिश्नरेट इंदौर में संभाग स्तरीय पासपोर्ट सत्यापन प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में इंदौर संभाग के आठ जिलों के पुलिस अधिकारियों और सत्यापन कार्य से जुड़े कर्मचारियों को प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला में पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर संतोष कुमार सिंह, पासपोर्ट अधिकारी मध्यप्रदेश सुतांशु चौरसिया, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध/मुख्यालय) आर.के. सिंह, पुलिस उपायुक्त (आसूचना/सुरक्षा) अमन सिंह राठौड़ सहित पुलिस मुख्यालय, क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय और टीसीएस की टीम मौजूद रही। इंदौर संभाग के इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी और बुरहानपुर जिलों के पासपोर्ट सत्यापन से जुड़े पुलिसकर्मी शामिल हुए, जबकि सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
:: निष्पक्ष सत्यापन से बेहतर होंगी सेवाएं ::
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध/मुख्यालय) आर.के. सिंह ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि पासपोर्ट सत्यापन में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। समयबद्ध, निष्पक्ष और तथ्यपरक सत्यापन ही नागरिकों को बेहतर एवं त्वरित पासपोर्ट सेवा उपलब्ध कराने का आधार है।
पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने कहा कि प्रत्येक पासपोर्ट सत्यापन नागरिकों के विश्वास, राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा विषय है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को संवेदनशीलता, पारदर्शिता तथा निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
:: 2024-25 में देश में प्रथम रहा प्रदेश ::
पासपोर्ट अधिकारी सुतांशु चौरसिया ने बताया कि पुलिस और पासपोर्ट विभाग के बेहतर समन्वय के कारण मध्यप्रदेश ने वर्ष 2024 और 2025 में पासपोर्ट सत्यापन के क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए प्रक्रिया में और अधिक दक्षता, पारदर्शिता और समयबद्धता लाने पर जोर दिया।
:: तकनीकी पहलुओं पर दिया प्रशिक्षण ::
कार्यशाला में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय भोपाल, इंदौर और टीसीएस की टीम ने पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया से जुड़े तकनीकी और प्रक्रियात्मक बिंदुओं की जानकारी दी। अधिकारियों को सत्यापन के दौरान आवश्यक सावधानियों, दस्तावेजों की जांच और प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य पुलिस एवं पासपोर्ट विभाग के बीच समन्वय को मजबूत करना और नागरिकों को शीघ्र, सरल एवं गुणवत्तापूर्ण पासपोर्ट सेवाएं उपलब्ध कराना रहा। कार्यशाला का संचालन अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (आसूचना) प्रियंका डुडवे ने किया।

