एमएसएमई, स्टार्टअप तथा बड़े उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है।

मध्य प्रदेश

:: सौर-पवन ऊर्जा से ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा ::
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। सौर और पवन ऊर्जा की क्षमता का उपयोग स्वच्छ ऊर्जा आधारित औद्योगिक विकास के लिए किया जा रहा है। सरकार उद्योगों के लिए भूमि, ऊर्जा और अधोसंरचना उपलब्ध कराने के साथ स्वच्छ ऊर्जा आधारित निवेश को प्राथमिकता दे रही है।
:: सिंगल विंडो और समयबद्ध मंजूरी पर जोर ::
डॉ. यादव ने कहा कि निवेशकों के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था, डिजिटल प्रक्रियाओं और समयबद्ध अनुमोदन को प्राथमिकता दी जा रही है। निवेश प्रस्तावों के त्वरित निराकरण और परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि निवेशक मध्यप्रदेश को केवल निवेश स्थल नहीं, बल्कि अपने विकास के दीर्घकालिक साझेदार के रूप में देखें।
:: बेहतर कनेक्टिविटी से देश-विदेश के बाजारों तक पहुंच ::
मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति और सड़क, रेल व हवाई कनेक्टिविटी को निवेश की बड़ी ताकत बताया। लॉजिस्टिक्स अधोसंरचना मजबूत होने से प्रदेश में निर्मित उत्पादों को देश और वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार विनिर्माण के साथ निर्यात क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान दे रही है। टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि आधारित उत्पाद और इंजीनियरिंग क्षेत्र में वैश्विक बाजारों के लिए नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं।
डॉ. यादव ने कहा कि ‘समृद्ध मध्यप्रदेश 2047’ और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्यों को हासिल करने में निजी निवेश, औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और निर्यात वृद्धि की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब केवल कृषि और प्राकृतिक संसाधनों तक सीमित पहचान वाला राज्य नहीं है, बल्कि उद्योग, ग्रीन एनर्जी, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और वैश्विक निवेश के नए केंद्र के रूप में आगे बढ़ रहा है।