छंदबद्धगीत -रक्षाबंधन

साहित्य

रक्षाबंधन है अति प्यारा, प्रेम भरा  त्योहार।

नेह बाँटते जग में सारे, उल्लासित परिवार |।

रक्षाबंधन पर्व मनाएँ, मिले ख़ुशी सौगात।

प्रेमिल बंधन बाँधे मन जब, प्रेम करें बरसात।।

रेशम का है धागा न्यारा, जीवन बुनता सार ।

रक्षाबंधन है अति प्यारा, प्रेम भरा  त्योहार।।

पहले बहना तिलक लगाती, अक्षत रोली डाल।

राखी बाँधे सदा कलाई, मिटे सभी जंजाल ।।

विजय तिलक की कहते गाथा, खुशी भरे अभिसार।

रक्षाबंधन है अति प्यारा, प्रेम भरा  त्योहार।।

चलें भरोसा साथ निभाते, जीवन भर अभिराम।

है पवित्र शाश्वत सच बंधन, पूजित भारत धाम।।

दूषित व्यवहार दूर करता, जोड़े मन के तार।

रक्षाबंधन है अति प्यारा, प्रेम भरा  त्योहार‌।।

–योगिता चौरसिया ‘प्रेमाश्री’

_मंडला म.प्र.