8वें वेतन आयोग के सामने रखा न्यूनतम वेतन में 300 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव

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-अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा
नई दिल्ली । केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के वेतन को लेकर 8वें वेतन आयोग के सामने न्यूनतम मूल वेतन में बड़ी बढ़ोतरी की मांग रखी गई है। रक्षा कर्मचारियों के संगठन भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ ने मौजूदा 18 हजार रुपए के न्यूनतम बेसिक वेतन को बढ़ाकर 72 हजार रुपए करने का प्रस्ताव दिया है। यदि यह मांग स्वीकार होती है तो न्यूनतम मूल वेतन में 54 हजार रुपए की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि फिलहाल 72 हजार रुपए केवल संगठन का प्रस्ताव है और इसे नया वेतन मानना जल्दबाजी होगी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ ने न्यूनतम वेतन की गणना में प्रति व्यक्ति आय में हुई वृद्धि, कर्मचारी के परिवार की जिम्मेदारियों और सरकार की आर्थिक स्थिति को प्रमुख आधार बनाया है। संगठन के मुताबिक 2016-17 में मौजूदा कीमतों पर प्रति व्यक्ति शुद्ध राष्ट्रीय आय 1 लाख 3 हजार 219 रुपए थी, जो 2024-25 में बढ़कर 1 लाख 92 हजार 774 रुपए हो गई। इस अवधि में प्रति व्यक्ति आय में करीब 86.76 फीसदी की वृद्धि हुई।
7वें वेतन आयोग के दौरान न्यूनतम वेतन तय करते समय तीन सदस्यों वाले परिवार को आधार माना गया था। संगठन का कहना है कि अब कर्मचारी पर जीवनसाथी, बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारियां भी होती हैं। इसलिए परिवार की इकाइयों को तीन से बढ़ाकर पांच करने का प्रस्ताव दिया है। इस गणना के आधार पर न्यूनतम वेतन करीब 88 हजार 524 रुपए तक पहुंचता है, लेकिन सरकार की वित्तीय स्थिति को देखते हुए 72 हजार रुपए को व्यावहारिक मांग बताया गया है। यदि 72 हजार रुपए का न्यूनतम बेसिक वेतन लागू होता है तो मौजूदा 18 हजार रुपए की तुलना में 300 फीसदी की वृद्धि होगी और नया मूल वेतन वर्तमान राशि का चार गुना हो जाएगा। हालांकि कुल वेतन में महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, यात्रा भत्ता और अन्य सुविधाएं भी शामिल हैं। अंतिम फैसला 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।