‘मुझे व्यवस्था से मुक्त करें!’ शहजाद पूनावाला ने दोबारा भेजा इस्तीफा

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-पहले इस्तीफे के बाद पार्टी ने कहा था- फैसले पर पुनर्विचार करें
नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक बार फिर पार्टी नेतृत्व को इस्तीफा भेजकर संगठनात्मक जिम्मेदारियों से मुक्त करने का आग्रह किया है। पार्टी की ओर से उनका पहला इस्तीफा स्वीकार नहीं किए जाने के बाद पूनावाला ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन को नया पत्र लिखा है। उन्होंने पद और सक्रिय सदस्यता छोड़ने के अपने फैसले को दोहराते हुए नेतृत्व से इस्तीफा स्वीकार करने की अपील की है।
पूनावाला ने अपना पत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया। उन्होंने कहा कि वह आभारी हैं कि पार्टी ने शुरुआती दौर में उनका इस्तीफा स्वीकार करने से इनकार किया और उनसे फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था। हालांकि, लंबे और गहन चिंतन के बाद उन्होंने संगठन की भूमिका और सक्रिय सदस्यता से हटने का अंतिम निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हुई घटनाओं ने उन्हें अपने पहले के फैसले पर कायम रहने के लिए मजबूर किया है। पूनावाला ने उन लोगों का नाम नहीं लिया, जिनकी वजह से कथित तौर पर ये घटनाएं हुईं।
अपने इस्तीफे के कारणों पर पूनावाला ने कहा कि वह अत्यंत जरूरी वित्तीय और व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण निजी क्षेत्र में जाने का निर्णय ले रहे हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के विजन तथा काम का समर्थन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, “मैं केवल ‘व्यवस्था’ छोड़ रहा हूं, ‘व्यक्ति’ या ‘विचार’ नहीं।” पूनावाला ने कहा कि उनका फैसला नाराजगी से प्रेरित नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा महासचिव बीएल संतोष सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के प्रति आभार, स्नेह और सम्मान व्यक्त किया।
‘पसमांदा मुस्लिम, गैर-वंशवादी की कहानी’
पूनावाला ने पार्टी के साथ अपने करीब पांच वर्ष के सफर को याद करते हुए कहा कि भाजपा ने उन्हें मंच और अवसर प्रदान किए। उन्होंने एक्स पर पत्र साझा करते हुए लिखा कि किसी अन्य देश और किसी अन्य पार्टी में उनके जैसी कहानी— एक युवा, पसमांदा मुस्लिम और गैर-वंशवादी व्यक्ति की कहानी— शायद संभव नहीं होती।
कांग्रेस से शुरु किया था सियासी सफर
38 वर्षीय पूनावाला ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी। राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाने का विरोध करने और कांग्रेस छोड़ने के बाद वह राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा में आए। इसके बाद वह भाजपा में शामिल हुए और पार्टी के प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ताओं में शामिल हो गए। भाजपा में रहते हुए पूनावाला टीवी डिबेट, प्रेस ब्रीफिंग और सोशल मीडिया पर पार्टी का पक्ष रखने वाले प्रमुख नेताओं में रहे। वर्ष 2021 में उन्हें भाजपा के दिल्ली आईटी और सोशल मीडिया विभाग की जिम्मेदारी भी दी गई थी।
मुस्लिम चेहरा के कारण आगे किया?
कहा जाता है कि भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख मुस्लिम चेहरों में शामिल पूनावाला को अक्सर विवादित और हाई-प्रोफाइल राजनीतिक मुद्दों पर भाजपा का पक्ष रखने के लिए आगे किया जाता था। अब उन्होंने एक बार फिर पार्टी नेतृत्व से संगठनात्मक जिम्मेदारियों से औपचारिक रूप से मुक्त करने का आग्रह किया है। हालांकि, उनके पत्र में प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के विजन के प्रति समर्थन जारी रखने की बात कही गई है।