नई दिल्ली । स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजने पर निशु आज़ाद के वकील ऋषभ रंजन ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वकील रंजन ने अजीब बताकर कहा कि वे सभी कोर्ट में मौजूद थे, लेकिन उन्हें बाद में पता चला कि लीगल एड काउंसिल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए शामिल हुए और आरोपी को सीधे जज के आवास पर पेश किया।
वकील रंजन ने आश्चर्य व्यक्त किया कि इतने गंभीर अपराध में केवल एक दिन की पुलिस कस्टडी क्यों मांगी गई। उन्होंने आपत्ति जाहिर कि उन्हें यह जानकारी नहीं दी गई कि एफ़आईआर में कौन सी नई धाराएं जोड़ी गईं या क्या बदलाव किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने धाराओं पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, और जानकारी मीडिया के माध्यम से मिल रही है। वहीं, भारद्वाज के वकील उमेश शर्मा ने हिरासत की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर एक दिन की कस्टडी में भेजा है। शर्मा ने कहा कि उनकी बचाव पक्ष की टीम पूरी तरह तैयार थी, लेकिन चूंकि यह गिरफ्तारी अचानक हुई है, इसलिए कुछ भ्रम की स्थिति है। उन्होंने बताया कि भारद्वाज को रात में उठाया गया था और वे अभी तक उनसे बात नहीं कर सके हैं।
भारद्वाज को बुलंदशहर से गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी निशु के पिता पर की गई उनकी टिप्पणियों के चलते हुई थी। भारद्वाज ने दावा किया था कि उन्होंने जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान निशु के पिता का सिर फोड़ दिया था। मामले में सीजेपी और कांग्रेस ने आक्रामक रुख दिखाकर उनकी गिरफ्तारी के लिए दबाव बनाया था।

