छात्रों का सिस्टम से उठ गया है भरोसा, सिस्टम के अंदर बैठे कुछ लोग भ्रष्ट
इंदौर | ।राहुल गांधी ने शनिवार को इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ विषय पर छात्रों से बात की। कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों से सवाल-जवाब किए। उन्होंने कहा कि छात्रों का सिस्टम से भरोसा उठ गया है, हालांकि कुछ परीक्षाओं में कैंडिडेट्स की भी गलती है। इस पर सामने बैठे छात्रों ने जवाब दिया- सर, हम सिस्टम से हार गए। राहुल गांधी ने कहा कि सिस्टम के अंदर बैठे कुछ लोग भ्रष्ट हो जाते हैं। पैसे के लालच में पेपर लीक कर देते हैं और लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर भ्रष्ट लोग परीक्षा व्यवस्था का हिस्सा बने रहेंगे और परीक्षा प्रणाली ही भ्रष्ट होगी, तो इसका नुकसान छात्रों को उठाना पड़ेगा।
राहुल गांधी ने कहा कि अगर आज हम छात्रों से बात करें तो वे खुश नहीं हैं। छात्र असहज हैं, उन्हें अपना भविष्य स्पष्ट नजर नहीं आ रहा है और वे दबाव में हैं। छात्रों के मन में सवाल है कि परीक्षाओं पर भरोसा कैसे किया जाए? कैसे भरोसा करें कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ हो रही है? कैसे पता चले कि किसी परीक्षा में सही तरीके से चयन हुआ है या नहीं?
सिस्टम की टॉप लेयर पर 6 लोग
राहुल ने स्क्रीन पर स्लाइड दिखाई। इसके बाद बोले- तीन फ्रेंड ने सिस्टम की बात की। सिस्टम क्या है, ये सिस्टम है देश पर सिस्टम का कब्जा। सिस्टम में कई लेयर हैं टॉप लेवल पर 6 लोग बैठे हैं। इसे मोदी चलाते हैं, धमकाने का काम, उन्हें मारने का काम, पैलेट गन मारने का काम शाह चलाते हैं। उस तरफ शायद आपको उनको पहचानों या न पहचानों अजित डोभाल कहते हैं कि देश को कंट्रोल करना है तो 500 लोगों को कंट्राोल करने की जरूरत है। ये देश के कम्यूनिकेशन पर कब्जा किए हैं। ये फोन टैपिंग कराते हैं, ये मोदी-शाह को सूचना देते हैं। आपके फोन के अंदर डोभाल बैठे हैं।बीच में भागवत जी है जो विचारधारा की बात करते हैं जिनके संगठन को हजारों करोड़ मिलते हैं। वहीं दूसरी तरफ अंबानी और अडाणी है। ये लोग फाइनेंस करते हैं। पैसा घुमाकर भाजपा को दिया जाता है। इस लेयर के नीचे हर संस्था को कैप्चार करके रखा है। इसमें मीडिया, एंटरनटेनमेंट, न्याय सभी में एक-एक आदमी बिठा रखा है। जैसे देश में कई क्रिकेटर्स है लेकिन सिस्टम ने शाह के बेटे को क्रिकेट का ठेका दे दिया है। यहां डेमोक्रेसी की बात होती है लेकिन सिस्टम अपने आदमी को बिठा देता है।
स्टूडेंट को सिस्टम से खतरा, क्योंकि वो सवाल पूछता है
राहुल गांधी ने कहा कि अब इंटरेस्टिंग बात बताता हूं। सिस्टम को स्टूडेंट से खतरा है। क्यों खतरा है, क्योंकि स्टूडेंट सवाल पूछता है। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट सवाल करता है कि अमित शाह जी के बेटे क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन कैसे बन गए? स्टूडेंट पूछता है कि हिंदुस्तान के पूरे बिजनेस को दो लोगों ने कैसे कैप्चर कर लिया? स्टूडेंट यह भी पूछता है कि ज्युडिशियरी और बाकी संस्थाएं अपना काम क्यों नहीं करतीं और इलेक्शन कमीशन अपना काम क्यों नहीं करता? इसीलिए सिस्टम स्टूडेंट नहीं चाहता, सिस्टम अंधभक्त चाहता है। उन्होंने कहा कि अंधभक्त कौन है? अंधभक्त एंटी-स्टूडेंट है। जहां स्टूडेंट सवाल पूछता है, जहां स्टूडेंट क्यूरियस है, वहां अंधभक्त डेलूजनल है, अपनी दुनिया में रहता है। राहुल ने कहा कि जहां स्टूडेंट मोहब्बत की बात करता है और प्यार व सम्मान से बात करता है, वहां अंधभक्त नफरत फैलाता है। जहां स्टूडेंट हम्बल होता है, दूसरों की बात सुनता है, वहां अंधभक्त अहंकार से भरा और एरोगेंट होता है। उन्होंने कहा कि जहां स्टूडेंट डरता नहीं है और निडर होता है, वहां अंधभक्त डरपोक होता है। राहुल के मुताबिक, जहां स्टूडेंट महिलाओं का सम्मान करता है, वहां अंधभक्त पेट्रियार्कल होता है और महिलाओं पर हमला व उनका अपमान करता है। राहुल गांधी ने कहा कि जहां स्टूडेंट ईमानदार होता है, वहां अंधभक्त डिसऑनेस्ट और झूठा होता है।
सिस्टम चलाने वालों के बच्चे विदेश में पढ़ रहे
राहुल बोले कि सिस्टम को चलाने वाले बच्चों को देखिए वे इंदौर में पढ़ रहे हें या विदेश में। ये देश के युवाओ को अंधभक्त बनाना चाहते हें। अपने बच्चों को बाहर भेजेंगे पढऩे के लिए। राहुल बोले- हमने शुरुआत में कहा कि स्टूडेंट देश को बनाता है, शिक्षा देश की नींव है, यह हर स्टूडेंट का हक है। स्कूल मिडडे मील से लेकर कॉलेज और कॉलेज से रोजगार तक पहुंचाना, ये सरकार का काम है।

