पंजाब में फिर परवान चढ़ेगा अकाली-भाजपा गठबंधन?

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-गृह मंत्री अमित शाह के बयान से गरमाई सियासत
नई दिल्ली । पंजाब की राजनीति में एक बार फिर पुराने राजनीतिक समीकरणों के लौटने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। साल 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक बड़े दावे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। शाह के इस बयान के बाद कि आगामी चुनाव में पंजाब में एनडीए की सरकार बनेगी, यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि क्या भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल एक बार फिर से हाथ मिला सकते हैं।
दरअसल दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विश्वास जताया कि पंजाब की जनता अब बदलाव का पूरा मन बना चुकी है और राज्य में एनडीए की सरकार का गठन होगा। हालांकि, अपने इस बयान में शाह ने शिरोमणि अकाली दल के साथ औपचारिक गठबंधन को लेकर कोई सीधी घोषणा तो नहीं की, लेकिन उनके इस संकेत ने दोनों दलों के बीच संभावित पुनर्मिलन की अटकलों को हवा जरूर दे दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पंजाब में अकाली दल भाजपा का सबसे पुराना और पारंपरिक सहयोगी रहा है, ऐसे में बिना किसी बड़े तालमेल के एनडीए का रास्ता आसान नहीं होगा।
कृषि कानूनों के चलते टूटा था गठबंधन
गौरतलब है कि भाजपा और अकाली दल के बीच करीब 24 साल पुराना मजबूत गठबंधन सितंबर 2020 में उस समय टूट गया था, जब केंद्र सरकार के तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को लेकर राज्य में भारी विरोध प्रदर्शन हो रहा था। उस वक्त किसानों के समर्थन में अकाली दल की वरिष्ठ नेता हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था और पार्टी ने एनडीए से अपना नाता तोड़ लिया था।
गठबंधन हुआ तो चुनाव होगा दिलचस्प
इस अलगाव का असर उसके बाद के चुनावों में साफ देखने को मिला। साल 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव और हाल ही में संपन्न 2024 के लोकसभा चुनाव में दोनों दलों ने एक-दूसरे से अलग होकर चुनाव लड़ा था, जिससे दोनों का जनाधार भी प्रभावित हुआ था। अब जबकि राजनीतिक परिस्थितियां बदल रही हैं, दोनों दलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच फिर से साथ आने की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। यदि आने वाले समय में दोनों दल साथ आते हैं, तो पंजाब का चुनावी समीकरण काफी दिलचस्प हो सकता है।