सेमीकंडक्टर कंपनियों के लिए कुशल युवा तैयार करेगा मप्र, अकादमिक कंसोर्टियम बनाने पर मंथन

इंदौर

समिट में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, चिप डिजाइन और फैबलेस कंपनियों पर चर्चा; उद्योगों की जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षण देने पर जोर ::
इंदौर । मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कुशल युवा तैयार करने के लिए विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और कंपनियों के बीच समन्वय बढ़ाने की तैयारी है। शुक्रवार को मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 में हुई तीन राउंड टेबल चर्चाओं में राज्य स्तरीय सेमीकंडक्टर अकादमिक कंसोर्टियम बनाने की संभावनाओं पर मंथन हुआ। इसके जरिए विद्यार्थियों को चिप डिजाइन, डिजाइन वेरिफिकेशन और उभरती तकनीकों में उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण देने के साथ अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित चर्चाओं में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग तथा फैबलेस सेमीकंडक्टर, प्रोडक्ट और आईपी कंपनियों को प्रोत्साहित करने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। विशेषज्ञों ने तकनीकी सुविधाओं के विस्तार, निवेश को आकर्षित करने और प्रदेश में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम मजबूत करने के लिए नीतिगत सहयोग की जरूरत बताई।
:: उद्योगों की जरूरत के मुताबिक तैयार होंगे युवा ::
दूसरी राउंड टेबल में विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों, उद्योगों और सरकारी विभागों को एक मंच पर लाकर अकादमिक कंसोर्टियम विकसित करने पर चर्चा हुई। इसका उद्देश्य पाठ्यक्रमों और प्रशिक्षण को उद्योगों की जरूरतों से जोड़ना है, ताकि विद्यार्थियों को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के वाइस चेयरमैन राजीव दीक्षित ने मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025 के प्रावधानों की जानकारी दी। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलगुरु राकेश सिंघल ने शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों के सहयोग से अकादमिक कंसोर्टियम विकसित करने पर जोर दिया। प्रोफेसर वैभव नीमा सहित शिक्षण संस्थानों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी सुझाव दिए।
:: एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और चिप डिजाइन पर फोकस ::
पहली राउंड टेबल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इंफ्रास्ट्रक्चर, नेटवर्क, तकनीकी अनुप्रयोग, अनुसंधान, नवाचार और कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर विचार-विमर्श हुआ। आईईएसए एवं सेमी इंडिया की संयुक्त भूमिका के अध्यक्ष अशोक चंडाक और सिनॉप्सिस के सीनियर डायरेक्टर माधवेंद्र शान भटनागर सहित विशेषज्ञों ने इन क्षेत्रों में विकास की संभावनाओं पर सुझाव रखे।
:: फैबलेस कंपनियों को प्रोत्साहन देने पर मंथन ::
तीसरी राउंड टेबल में फैबलेस सेमीकंडक्टर, प्रोडक्ट और आईपी कंपनियों के विकास पर चर्चा हुई। इसमें निवेश प्रोत्साहन, तकनीकी सुविधाओं, कौशल विकास और नीतिगत सहयोग से जुड़े मुद्दे उठाए गए। मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025 के प्रावधानों का प्रस्तुतीकरण भी किया गया।
चर्चा में एसटी, एनएक्सपी और एलएंडटी सेमी से जुड़े कृष्णा ठाकुर तथा आईआईटी इंदौर की असिस्टेंट प्रोफेसर प्रतिभा वर्मा सहित अन्य प्रतिनिधियों ने भाग लिया। समिट में सामने आए सुझावों के जरिए प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और तकनीकी प्रतिभाओं को विकसित करने पर जोर रहा।