मप्र में सेमीकंडक्टर-इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में आएंगे ₹5800 करोड़, 10 हजार से ज्यादा रोजगार की उम्मीद

मध्य प्रदेश

मुख्यमंत्री ने 12 से ज्यादा कंपनियों से की वन-टू-वन चर्चा; इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर में हाईटेक उद्योगों को प्राथमिकता, दो नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेंगे ::
इंदौर । मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर, चिप डिजाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में करीब 5,800 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनसे 10 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। शुक्रवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 से ज्यादा कंपनियों और संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। सरकार ने प्रदेश को देश का प्रमुख सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी हब बनाने के लिए दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने और इंदौर-उज्जैन इकोनॉमिक कॉरिडोर में हाईटेक उद्योगों को प्राथमिकता देने की घोषणा की।
समिट में 1,000 से ज्यादा प्रतिनिधियों के साथ जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान और स्वीडन के प्रतिनिधिमंडलों ने हिस्सा लिया। आयोजन में चिप डिजाइन, एडवांस्ड पैकेजिंग, टेस्टिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे विषयों पर चर्चा हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को सरल प्रक्रियाएं, समय पर मंजूरी और जरूरी औद्योगिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने निवेशकों को सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और 24 घंटे सस्ती बिजली सहित हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
:: दो नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेंगे ::
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और फोटोनिक्स एवं क्वांटम टेक्नोलॉजीज सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की घोषणा की। इन केंद्रों में चिप डिजाइन, वीएलएसआई, अनुसंधान एवं विकास, प्रोटोटाइपिंग, क्वांटम कंप्यूटिंग और फोटोनिक्स जैसी तकनीकों पर काम किया जाएगा। इनसे युवाओं के कौशल विकास और नई तकनीकों के अनुसंधान को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इंदौर-उज्जैन इकोनॉमिक कॉरिडोर में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, एडवांस्ड पैकेजिंग और चिप डिजाइन उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई साल में प्रदेश सरकार ने 25 से ज्यादा नीतियां बनाकर निवेश के नए अवसर तैयार किए हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सहित विभिन्न प्रयासों से प्रदेश को करीब 34 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। उनके मुताबिक, इनमें से 30% से ज्यादा प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं।
:: पांच कंपनियों को जमीन के आशय पत्र, ₹9,625 करोड़ का निवेश प्रस्तावित ::
समिट में पांच कंपनियों को औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन के आशय पत्र दिए गए। इन परियोजनाओं में 9,625 करोड़ रुपए के निवेश और 4,450 से ज्यादा प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्रस्तावित हैं।
ग्वालियर : साइटैक आरई गंगा मालनपुर में 6,415 करोड़ रुपए से 50 मेगावाट क्षमता का हाइपरस्केल डेटा सेंटर स्थापित करेगी।
भोपाल : उना इको सिस्टम्स 2,000 करोड़ रुपए से 1.5 GWh क्षमता की लिथियम सेल विनिर्माण इकाई लगाएगी।
इंदौर : औरिगा आईटी सॉल्यूशंस सिंहासा आईटी पार्क में 500 करोड़ रुपए से ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करेगी। इससे 3,500 रोजगार प्रस्तावित हैं।
ईएसडीएम यूनिट : मीना सर्किट्स 400 करोड़ रुपए का निवेश करेगी।
भोपाल : केन्स इलेक्ट्रॉनिक्स बड़वई आईटी पार्क में 310 करोड़ रुपए से इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण इकाई लगाएगी। इससे करीब 950 रोजगार प्रस्तावित हैं।
:: इंदौर के इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स में 7 कंपनियां आएंगी ::
इंदौर के परदेशीपुरा स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स में सात कंपनियों को कार्यालयीन स्थान के लिए आशय पत्र दिए गए। इन्हें कुल 44,815.67 वर्गफुट जगह लीज पर उपलब्ध कराई जाएगी। इन इकाइयों से 1,280 से ज्यादा रोजगार के अवसर बनने की संभावना है।
एडीटी सेमीकंडक्टर्स यहां आरएंडडी डिजाइन सेंटर और मावेन सिलिकॉन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करेगी। कंपनी को 16,508 वर्गफुट जगह देने का प्रस्ताव है। इससे 500 रोजगार मिलने की संभावना है। स्पिंट्रॉनिक्स एआई सेमीकंडक्टर्स से 250, इक्ष्वाकुमीडिया से 200 और एच-सेमी प्रोडक्ट्स से 150 रोजगार प्रस्तावित हैं।
ट्रूचिप सॉल्यूशंस से 100, एसएफए टेक्नोलॉजीज से 50 और किष्किंधा इंटरनेशनल से 30 रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है। इन कंपनियों की गतिविधियों में चिप डिजाइन, इंजीनियरिंग सहायता, डिजिटल कंटेंट निर्माण, चिप टेस्टिंग और आईटी सेवाएं शामिल होंगी।
:: कंपनियों ने अलग-अलग निवेश प्रस्ताव दिए ::
मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठकों में लालवाला इंडस्ट्रीज के सीईओ सौरभ हरिवदन लालवाला ने ने 1,200 करोड़ रुपए के निवेश से 300 रोजगार, स्पिंट्रॉनिक्स एआई के सीईओ रघु वर्मा और प्रबंध निदेशक श्रीजीत परुचूरी ने दो चरणों में 1,800 करोड़ रुपए के निवेश से 150 रोजगार और इंडसिलिका सेमीकंडक्टर्स के सुनील रावत और आदित्य बी. मलिक ने 100 करोड़ रुपए के निवेश से 150 रोजगार का प्रस्ताव दिया।
नैनोड्राइट्स टेक्नोलॉजी के हर्षित तिवारी ने 65 करोड़ रुपए से 140 रोजगार और ट्रूचिप सॉल्यूशंस के नितिन किशोर ने 10 करोड़ रुपए से 50 रोजगार का प्रस्ताव रखा। उना इको सिस्टम्स के शिनिचि साईतो और विशाल सिंह ने 2,000 करोड़ रुपए के निवेश से 2,000 रोजगार, बियॉन्ड स्टूडियोज के भारत भूषण (सेबेस्टियन) और सेबेस्टियन नोआ अकोस्टा जूनियर ने 110 करोड़ रुपए से 360 रोजगार और धनुष हेल्थकेयर सिस्टम्स के डी. एस. एन. मूर्ति ने 400 करोड़ रुपए से 500 रोजगार सृजित करने की योजना प्रस्तुत की। पारस सेमीकंडक्टर्स के संतोष कुमार ने सेमीकंडक्टर असेंबली यूनिट के लिए 6000 करोड़ रुपए की निवेश योजना बताई। वीएलएसई के अध्यक्ष डॉ. सत्या गुप्ता ने कहा कि अगले पांच वर्षों में प्रदेश में पांच सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और करीब 20 फैबलेस कंपनियां विकसित होने की संभावना है।
इन बैठकों में डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर निर्माण, फैबलेस तकनीक, चिप डिजाइन, एवीजीसी-एक्सआर और हेल्थ-टेक क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
:: पांच संस्थानों से एमओयू, ट्रेनिंग और रिसर्च को बढ़ावा ::
मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम ने पांच संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया, सेमी इंडिया, सेमीकंडक्टर लेबोरेटरी मोहाली, इंटरनेशनल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री ग्रुप लंदन और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज मुंबई शामिल हैं।
इन समझौतों के तहत उद्योग आधारित प्रशिक्षण, चिप डिजाइन, अनुसंधान, निवेश प्रोत्साहन, वैश्विक कंपनियों से संपर्क और एवीजीसी-एक्सआर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने जैसे कार्य किए जाएंगे।
मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कहा कि प्रदेश में निवेश के अनुकूल नीतियां, कुशल मानव संसाधन और आसान औद्योगिक प्रक्रियाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। भोपाल के ग्लोबल स्किल पार्क के साथ आईटीआई और पॉलीटेक्निक संस्थानों को भी उद्योगों की जरूरत के अनुसार विकसित किया जा रहा है।
:: स्टार्टअप चैलेंज में 10 फाइनलिस्ट चुने ::
एमपी सेमीकॉन स्टार्टअप चैलेंज में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, एम्बेडेड सिस्टम और डीप-टेक क्षेत्र के 25 चयनित स्टार्टअप्स ने प्रस्तुतियां दीं। इनमें से 10 फाइनलिस्ट चुने गए। विजेताओं को कुल 6 लाख रुपए की पुरस्कार राशि दी गई। प्रथम पुरस्कार 3 लाख, द्वितीय पुरस्कार 2 लाख और तृतीय पुरस्कार 1 लाख रुपए का रहा।
समिट में मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025 का जापानी, कोरियाई और ताइवानी भाषाओं में विमोचन किया गया। प्रदर्शनी में 57 प्रदर्शकों ने 70 बूथ और तीन बड़े स्टॉल लगाए। वैश्विक कंपनियों, अनुसंधान संस्थानों, विश्वविद्यालयों और स्टार्टअप्स ने चिप डिजाइन, परीक्षण उपकरणों, लेजर तकनीक और स्वदेशी चिप निर्माण से जुड़े कामों का प्रदर्शन किया।
नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि केंद्र सरकार के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के अनुरूप प्रदेश में भी इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव एम. सेल्वेंद्रन ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र को आर्थिक विकास के साथ देश की सामरिक जरूरतों के लिए भी महत्वपूर्ण बताया।
समिट में प्रस्तावित निवेशों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलना, रोजगार के अवसरों को साकार करना और उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कुशल युवाओं को तैयार करना राज्य सरकार के सामने प्रमुख लक्ष्य होंगे।