विकसित भारत के निर्माण में उद्योग एवं व्यापार की भूमिका महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मध्य प्रदेश

दो दिवसीय राष्ट्रीय उद्योग–व्यापार सम्मेलन सम्पन्न; ₹7,346 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत, मध्यप्रदेश–रूस क्रिकेट सहयोग समझौते का आदान-प्रदान
भोपाल । फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री (एफएमपीसीसीआई) के स्वर्ण जयंती वर्ष के अंतर्गत आयोजित ‘विकसित भारत उद्योग व्यापार सम्मेलन 2026’ का समापन शुक्रवार को एनराइज बाय सयाजी, भोपाल में हुआ।
सम्मेलन का शुभारंभ 22 अक्टूबर को कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया था। ‘उद्योगों को जोड़ना, अवसर सृजित करना, विकसित भारत का निर्माण करना’ विषय पर आयोजित इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के 10 राज्यों के उद्योग एवं व्यापार संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ रूस और जर्मनी के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की। सम्मेलन के दौरान प्रदेश में ₹7,346 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। समापन समारोह में मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) एवं रूस के स्मोलेंस्क क्रिकेट एसोसिएशन के बीच क्रिकेट सहयोग संबंधी समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान भी हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फेडरेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा—मध्यप्रदेश में निवेश एवं औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाएँ है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फेडरेशन के स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 50 वर्षों में फेडरेशन ने उद्योग एवं व्यापार जगत को एकजुट करने, उद्यमियों की समस्याओं को सरकार तक पहुँचाने और प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। देश के विभिन्न राज्यों के उद्योग एवं व्यापार संगठनों, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और उद्यमियों को एक मंच पर लाकर फेडरेशन ने संवाद एवं सहयोग की नई संभावनाएँ सृजित की यह पहल विकसित भारत के निर्माण में उद्योग एवं व्यापार जगत की भूमिका को और मजबूत करेगी।
एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने की सम्मेलन की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में रीजनल डेवलपमेंट प्लान तथा मेट्रोपॉलिटन एरिया जैसी अभिनव पहल से विकास की नई संभावनाएँ सृजित हो रही हैं और उद्योग एवं व्यापार जगत में विश्वास का वातावरण मजबूत हुआ है।
फेडरेशन अध्यक्ष हिमांशु खरे ने कहा कि देश के प्रमुख राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स और व्यापारिक संगठनों को एक मंच पर लाने वाला यह अपनी तरह का महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन है। सम्मेलन में विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने तथा उद्योग एवं व्यापार से जुड़े नीतिगत विषयों पर विचार-विमर्श के लिए उद्यमियों, विशेषज्ञों और प्रबुद्धजनों को अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन में औद्योगिक विकास, वैश्विक व्यापार, निवेश संवर्धन, विनिर्माण, निर्यात प्रोत्साहन, नवाचार, एमएसएमई सशक्तीकरण, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और आत्मनिर्भर भारत जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। देश के 10 राज्यों के उद्योग, औद्योगिक एवं वाणिज्यिक संगठनों के अध्यक्षों, पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों के साथ रूस एवं जर्मनी के प्रतिनिधियों की सहभागिता ने सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।
सम्मेलन के दूसरे दिन आयोजित कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, कौशल विकास मंत्री गौतम टेटवाल तथा लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष सत्येन्द्र भूषण सिंह विशेष रूप से उपस्थित हुए। अतिथियों ने सम्मेलन में सहभागिता करते हुए फेडरेशन के स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित इस राष्ट्रीय आयोजन की सराहना की तथा उद्योग, व्यापार, कौशल विकास, रोजगार सृजन और मध्यप्रदेश के आर्थिक एवं औद्योगिक विकास को गति देने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।
सम्मेलन में विभिन्न नीतिगत विषयों पर विचार विमर्श किया गया जिसमें राजीव बाहिति ने मूल्य संवर्धन एवं खाद्य प्रसंस्करण, सिडबी के प्रवीण सिंह राणा ने एमएसएमई के लिए ऋण वृद्धि, कार्यशील पूँजी की जानकारी दी। भेल के पंकज कुमार झा ने स्थानीय उद्योगों के लिए सहयोग एवं आपूर्ति के अवसरों, लागत नियंत्रण, समय पर आपूर्ति, आरक्षित वस्तुओं, ऑनलाइन विक्रेता पंजीयन, आपूर्तिकर्ता बैठकों और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन से संबंधित विषयों पर जानकारी साझा की।
मध्यप्रदेश–रूस क्रिकेट साझेदारी को मिला नया आयाम
सम्मेलन के समापन समारोह का एक प्रमुख आकर्षण मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) एवं रूस के स्मोलेंस्क क्रिकेट एसोसिएशन के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान रहा। एमपीसीए की ओर से सचिव सुधीर असनानी तथा स्मोलेंस्क क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से उपाध्यक्ष प्रभांशु श्रोती ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
फेडरेशन के सचिव प्रवीण आचार्य ने इसे पिछले दो वर्षों के दौरान हुए परस्पर दौरों और विश्वास निर्माण का परिणाम बताया।
कार्यक्रम में फेडरेशन के संयुक्त अध्यक्ष विरेन्द्र कुमार पोरवाल एवं अखिलेश राठी, उपाध्यक्ष योगेश गोयल, जयदेव ताम्रकार, आनंद बांगुर, राजीव बाहेती, पूर्व अध्यक्ष दीपक शर्मा, डॉ आर एस गोस्वामी, विजय गौर, योगेश ताम्रकार, मनविंदर ओबेरॉय, पंकज आहूजा, गोविंद गोयल, खंडवा के राजू जैन, सी.बी. मालपानी, अशोक पटेल, अरूण पवांर, सर्च कौल, एमएसएमई से तरूण कटारे, अशोक आनंद, राजीव जैन, वरूण पोरवाल, राजीव अग्रवाल, उत्तरप्रदेश के अध्यक्ष डी पी सिंह, सेंट्रल टेक्सटाइल एसोसिएशन अध्यक्ष रणबीर बीज, उपाध्यक्ष महेंद्र भाई, एबीईएल मुंबई की अध्यक्ष सुश्री अमिता रमेश, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राजीव गोयल, अनिल पाण्डेय, स्कोप यूनिवर्सिटी के चांसलर सिद्धार्थ चतुर्वेदी, स्टेट बैंक के ए जी एम शैलेंद्र चतुर्वेदी, मोरार सेनफील्ड के एम डी महेश राजवानी, इंश्योरेंस ब्रोकर एन ए बी के एम डी अविनाश गुप्ता, आदि शामिल हुए एवं इन्होंने एमपीआईडीसी एवं एमएसएमई विभाग को सहयोग हेतु धन्यवाद दिया।