योगेंद्र यादव ने पूछा- भाजपा ने क्या प्रदर्शन की अनुमति ली थी?

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नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को देशभर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन पर पॉलिटिकल एक्टिविस्ट योगेंद्र यादव ने सवाल उठाए हैं, जिसमें उन्होंने बीजेपी से पूछा है कि क्या उन्होंने इस विरोध के लिए उचित अनुमति ली थी।
अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में योगेंद्र यादव ने तीखा व्यंग्य करते हुए कहा, क्या बीजेपी ने इस विरोध-प्रदर्शन के लिए 10 दिन पहले अनुमति मांगी थी? क्या दिल्ली पुलिस ने आवेदन को इसलिए खारिज कर दिया क्योंकि इसे समय पर जमा नहीं किया गया था? उनके इस सवाल को विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों पर अक्सर होने वाले प्रतिबंधों और सत्ताधारी दल के लिए अलग मानकों की ओर इशारा करने के तौर पर देखा जा रहा है।
खरगे की टिप्पणी को अशोभनीय और प्रधानमंत्री पद की गरिमा के खिलाफ बताते हुए बीजेपी ने सोमवार को सभी राज्यों में पार्टी मुख्यालयों पर प्रदर्शनकारियों के हुजूम के साथ जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे के तत्काल इस्तीफे की मांग की। राजधानी दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार और कर्नाटक सहित कई राज्यों में विरोध प्रदर्शनों का आयोजन किया गया, जहां कई स्थानों पर मल्लिकार्जुन खरगे का पुतला भी फूंका गया। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस और उसके शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की अपरिपक्वता के बारे में तो पहले से ही ज्ञात था, लेकिन अब लगता है कि बुरी संगत के असर से पार्टी के बाकी वरिष्ठ नेता भी उसी रंग में रंग गए हैं। जोशी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता हताश और निराश हो चुके हैं, इसलिए वे दिवंगत माता-पिता का नाम घसीटकर भारतीय संस्कृति और मर्यादा को तार-तार कर रहे हैं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री पर की गई एक टिप्पणी के जवाब में खरगे ने कहा था कि मोदी का बाप भी जाएगा। इस बयान के बाद से ही सियासी गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।