इंदौर में कल अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव, 2 नई शहरी नीतियों के प्रारूप होंगे जारी

इंदौर

आठ जिलों वाले इंदौर इकोनॉमिक रीजन का रोडमैप आएगा सामने; आवास, जल प्रबंधन और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश पर होगा मंथन ::
इंदौर । शहरों में निवेश बढ़ाने, किफायती आवास उपलब्ध कराने और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग की रणनीति पर बुधवार को इंदौर में अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में मंथन होगा। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में होने वाले आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। कॉन्क्लेव में किफायती आवास और उपचारित अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग से जुड़ी दो नीतियों के प्रारूप जारी किए जाएंगे। साथ ही आठ जिलों वाले इंदौर इकोनॉमिक रीजन की विकास रूपरेखा भी सामने आएगी।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे के अनुसार, कॉन्क्लेव में शहरी अधोसंरचना के विकास के लिए निवेशकों और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर जोर रहेगा। आवास, पेयजल, सीवरेज, डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक नगर नियोजन से जुड़ी परियोजनाओं पर भी चर्चा होगी।
:: किफायती आवास और किराये के मकानों पर फोकस ::
मध्यप्रदेश अर्बन अफोर्डेबल हाउसिंग एंड हैबिटेट पॉलिसी, 2026 के प्रारूप का विमोचन होगा। इसके जरिए शहरी क्षेत्रों में किफायती आवासों की उपलब्धता बढ़ाने, किराये के मकानों को प्रोत्साहित करने और निजी निवेश आकर्षित करने पर जोर रहेगा। पुनर्विकास और सरकारी जमीन के बेहतर उपयोग को भी नीति में महत्व दिया जाएगा।
:: उद्योगों और निर्माण में बढ़ेगा उपचारित पानी का उपयोग ::
मध्यप्रदेश ट्रीटेड वेस्टवॉटर रिसाइक्लिंग एंड रीयूज पॉलिसी, 2026 का प्रारूप भी जारी होगा। इसके तहत सीवरेज के उपचार के बाद मिलने वाले पानी का उद्योगों, निर्माण कार्यों और लैंडस्केपिंग जैसे गैर-पेय कार्यों में उपयोग बढ़ाने की योजना है। इससे ताजे पानी के स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
:: आठ जिलों के विकास की बनेगी दीर्घकालीन रूपरेखा ::
नीति आयोग की सिटी इकोनॉमिक रीजन पहल के तहत तैयार इंदौर इकोनॉमिक रीजन रिपोर्ट जारी की जाएगी। इसमें आठ जिलों के आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, आवास और रोजगार सृजन की दीर्घकालीन रूपरेखा शामिल है। ग्रोथ कॉरिडोर, नई टाउनशिप और सुनियोजित शहरी विस्तार के जरिए क्षेत्र की आर्थिक संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा।
:: निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा करेंगे मुख्यमंत्री ::
मुख्यमंत्री चयनित निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों से अलग-अलग बैठकें करेंगे। इनमें शहरी अधोसंरचना, आवास, अक्षय ऊर्जा, जल प्रबंधन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। हुकुमचंद मिल पुनर्विकास, उज्जैन की टेंपल बॉन्ड परियोजनाओं, चित्रकूट विकास और फ्लोटिंग सोलर सहित अन्य परियोजनाओं को निवेश के अवसरों के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
कॉन्क्लेव में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत निर्मित आवासों सहित विभिन्न नगरीय विकास परियोजनाओं का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी होगा। डिजिटल गवर्नेंस, आधुनिक नगर नियोजन और जलवायु-अनुकूल शहरों के विकास पर विशेषज्ञ विचार साझा करेंगे। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी और अपर मुख्य सचिव संजय दुबे सहित जनप्रतिनिधि, निवेशक, उद्योग प्रतिनिधि और शहरी नियोजन विशेषज्ञ शामिल होंगे।