बंधन बैंक का कुल बिजनेस वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 11% बढ़ा

व्यापार

वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ ₹622 करोड़

कुल लोन बुक सालाना आधार पर 13.1% बढ़कर 1.58 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया

कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 9.2% बढ़कर 1.73 लाख करोड़ रुपये हो गए

कुल डिपॉजिट में रिटेल की हिस्सेदारी 73% रही

सीएएसए अनुपात 26.7% पर रहा

इंदौर, बंधन बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजों का ऐलान किया है। बैंक का कुल कारोबार सालाना आधार पर 11% से अधिक बढ़कर 3.3 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। कुल डिपॉजिट में रिटेल की हिस्सेदारी अब लगभग 73% है। वित्त वर्ष 2026-27 में दिखी यह कारोबारी बढ़त बैंक के बढ़े हुए डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, कामकाज में बेहतर दक्षता और उत्कृष्टता के लिए लगातार कोशिशों की वजह से आई है। दूसरी तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ 622 करोड़ रुपये रहा।

बैंक अब भारत के 36 में से 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 6,400 से अधिक बैंकिंग आउटलेट्स के माध्यम से लगभग 3.2 करोड़ ग्राहकों को अपनी सेवाएं दे रहा है। बंधन बैंक में 75,000 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं।

वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के दौरान, बैंक के डिपॉजिट बेस में सालाना आधार पर 9% की वृद्धि दर्ज की गई, और कुल डिपॉजिट बुक अब 1.73 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। इसी अवधि में कुल एडवांस 1.58 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गए हैं। चालू खाता और बचत खाता (सीएएसए) अनुपात 26.7% पर है। वित्तीय स्थिरता का अहम पैमाना माना जाने वाला बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात (सीएआर) 18.3% के मजबूत स्तर पर है, जो नियामक सीमा से काफी ऊपर है।

बैंक के प्रदर्शन पर बात करते हुए, एमडी और सीईओ पार्थ प्रतिम सेनगुप्ता ने कहा, “वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में हमारे परिणाम इस बात को दर्शाते हैं कि हमने स्वस्थ व्यावसायिक वृद्धि बनाए रखने, जमा संग्रह में तेजी लाने, ऋण पोर्टफोलियो की गुणवत्ता में सुधार करने, परिसंपत्ति गुणवत्ता को सुरक्षित रखने तथा निरंतर लाभप्रदता बढ़ाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। पिछले कुछ तिमाहियों के दौरान हमने ऑपरेटिंग प्रॉफिट और पीएटी में लगातार और उल्लेखनीय सुधार हासिल किया है। आगे भी हम अपने रिटेल व्यवसाय को और सशक्त बनाने, ग्राहकों के साथ अपने संबंधों को और गहरा करने तथा सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने पर ध्यान केंद्रित करते रहेंगे।”

बैंक अपने एसेट बेस में विविधता लाने पर काम कर रहा है, और इसमें रिटेल पोर्टफोलियो बढ़ाने पर खास जोर है। कामकाज को ज्यादा कुशल बनाने, उत्पादकता बढ़ाने और ग्राहक अनुभव को और बेहतर करने के लिए डिजिटलीकरण को तेजी से बढ़ाना बैंक की प्राथमिकता बनी हुई है।