सहयोगियों ने जमकर सुनाई खरी-खरी
नई दिल्ली । ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) की अध्यक्ष नेहा बोरा के ‘ब्राह्मणवाद से मुक्ति’ वाले बयान पर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के बाद अब विपक्षी इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों ने भी इस टिप्पणी से दूरी बना ली है, जिससे गठबंधन के भीतर ही विवाद खड़ा हो गया है। नेहा बोरा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रही हैं और राहुल गांधी समेत गठबंधन के अन्य नेताओं के साथ भी नजर आई हैं।
समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने नेहा बोरा की टिप्पणी को अनुचित बताते हुए कहा कि किसी जाति, समुदाय, धर्म या क्षेत्र को लेकर इस तरह की सामान्य टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उत्तर प्रदेश की घोसी लोकसभा सीट से सांसद राजीव राय ने कहा, हर धर्म में अच्छे और बुरे दोनों तरह के लोग होते हैं। हमें इस तरह के सामान्यीकरण से बचना चाहिए। हमें ऐसी टिप्पणियां नहीं करनी चाहिए। आखिर हम बीजेपी के जाल में क्यों फंसें? उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में इस तरह की बयानबाजी स्वीकार नहीं की जा सकती।
वहीं, शिवसेना (उद्धव गुट) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी नेहा बोरा के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि वामपंथ हो या दक्षिणपंथ, किसी भी तरफ की कट्टर सोच देश के लिए नुकसानदेह है। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि संभव है कि यह पुराना वीडियो हो, लेकिन इसमें एक ऐसी सोच दिखाई देती है जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि मंदिरों में दुष्कर्म होते हैं, पुजारी ऐसे अपराध करते हैं और ब्राह्मण महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह आमतौर पर जाति से जुड़े मुद्दों पर ध्यान नहीं देतीं, लेकिन खुद ब्राह्मण महिला होने के नाते यह सवाल उठाना चाहती हैं कि क्या इस तरह की अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल उचित है। हालांकि, प्रियंका चतुर्वेदी ने नेहा बोरा से बातचीत की इच्छा भी जताई और कहा कि वह उनके साथ बैठकर समझाना चाहेंगी कि हर चीज को जाति और धर्म के नजरिये से नहीं देखना चाहिए।
नेहा बोरा की टिप्पणी को लेकर बीजेपी ने भी उन पर निशाना साधा है। पार्टी के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए उन पर ‘हिंदू विरोधी’ सोच को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। भंडारी ने नेहा बोरा को राहुल गांधी की कथित हिंदू विरोधी राजनीति का पोस्टर गर्ल बताया और उनके बयान को राहुल गांधी की महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पहले की गई टिप्पणी से भी जोड़ा। वीडियो में नेहा बोरा महिलाओं की सुरक्षा पर बात करते हुए ब्राह्मणवादी व्यवस्था की आलोचना करती सुनाई देती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अपनी टिप्पणी के दौरान उन्होंने उन्नाव और कठुआ मामलों का भी जिक्र किया था।

