(नीमच) 6 करोड़ रुपए की है, मां महिषासुर की नीलम की मूर्ति

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12 गांव के लोग 24 घंटे करते हैं पहरेदारी
नीमच(ईएमएस) नीमच जिला मुख्यालय से 65 किलोमीटर दूर सिंगोली रोड पर दौलतपुरा चौराहा है यहां पर 3 साल पहले देवी मां महिषासुर मर्दिनी के मंदिर का निर्माण हुआ। इस मंदिर में देवी मां की नीलम पत्थर से निर्मित बेशकीमती मूर्ति को स्थापित किया गया है। इस मूर्ति की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 6 करोड़ रुपए आंकी गई है।
यह मूर्ति 9 जनवरी 2004 में चोरी हो गई थी। राजस्थान की तस्कर वामन नारायण घीया ने तस्करों की मदद से यह मूर्ति चुराई थी। 64 दिन के पश्चात जयपुर पुलिस ने 20 फरवरी 2004 को विद्या नगर थाना क्षेत्र से इस मूर्ति को बरामद किया था। कई सालों तक यह मूर्ति सिंगोली थाने में विराजमान रही।
12 गांव के लोगों ने एक समिति बनाई इसके अध्यक्ष जगदीश धाकड़ और उपाध्यक्ष ओंकार लाल जैन हैं। इस समिति के 11 सदस्य हैं। इन लोगों ने देवी मां का मंदिर निर्मित कराया और वहां पर मूर्ति स्थापित करवाई। मूर्ति स्थापित होने के बाद से 12 गांव के दो दो सदस्य रोजाना इस मूर्ति की सुरक्षा में अपनी अपनी सेवाएं देते हैं। एक चौकीदार समिति की ओर से नियुक्त किया गया है, दिन और रात के समय पुलिस भी पेट्रोलिंग करती रहती है।
चमत्कारिक प्रतिमा
देवी मां की प्रतिमा काफी चमत्कारिक है। बताया जाता है कि जयपुर पुलिस ने जब कचरे की रेल से इस मूर्ति को निकालने का प्रयास किया तो जमीन हिलने लगी। कुछ समय बाद मूर्ति स्वयं ऊपर आ गई। दौलतपुरा चौराहा पर मंदिर का निर्माण कराया गया। इसमें मूर्ति को काफी ऊंचे स्थल पर विराजमान किया गया, ताकि बाहर से भी आसानी से दर्शन किए जा सकते हैं।
एसजे/हिदायत/18दिसम्बर

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