करदाताओं को परेशान करने की वजाय कर आधार बढ़ाने पर जोर: सीबीडीटी

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नयी दिल्ली 19 दिसंबर (वार्ता) केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष सुशील चंद्रा ने कहा है कि करदाताओं को परेशान करने की बजाय कर आधार बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है और सरकार कर आधार बढ़ाने के मॉडल पर काम कर रही है।
सीबीडीटी अध्यक्ष ने उद्योग संगठन पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा बुधवार को यहां आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि आयकर विभाग करदाताओं के बारे में जानकारी डिजिटली संग्रहित करता है और यह एक सशक्त माध्यम है। इसके जरिये संग्रहित डाटा का विभाग के पास उपलब्ध डाटा से मिलान किया जाता है और रिटर्न नहीं भरने वालों की पहचान की जाती है।
उन्होंने कहा कि कार्रवाई से बचने के लिए रिटर्न भरने के दौरान सही जानकारी देनी चाहिए क्योंकि कर चोरी करने वालों के प्रति विभाग का रवैया बड़ा कठोर है। पिछले वर्ष विभाग ने 4,500 कर चोरी करने वालों के विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई की थी और उनमें से 68 प्रतिशत को सजा हुयी है। इस वर्ष भी यह कार्रवाई जारी है।
श्री चंद्रा ने कहा कि आयकर विभाग बेनामी संपत्ति को लेकर भी बहुत गंभीर है। इस कानून के प्रभावी होने के बाद पिछले दो वर्षाें में विभाग ने बैंक खाते सहित 1,777 संपत्तियां जब्त की है। इन बैेंक खातों में 6,500 करोड़ रुपये जमा है। उन्होंने कहा कि 72 देशों के साथ कर चोरी के बारे में सूचनायें अदान-प्रदान करने के करार है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष करदाताओं और संभावित करदाताओं को 1.8 करोड़ एसएमएस भेजे गये। इस विशेष रणनीति के बल पर पिछले वर्ष 6.87 करोड़ रिटर्न भरे गये थे जिनमें से 1.06 करोड़ नये करदाता थे। चालू वर्ष में अब तक 6.13 करोड़ रिटर्न भरे जा चुके हैं।
शेखर अर्चना
वार्ता

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