गाँधीनगर | प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी 18 अक्टूबर 2022 को 4:00 बजे गुजरात के लोथल में बनने वाले नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स की परियोजना की प्रगति समीक्षा की अध्यक्षता करेंगे। उल्लेखनीय है कि लोथल दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक सिंधु घाटी सभ्यता के पुरातात्विक अवशेषों की उपस्थिति के लिए प्रसिद्ध है। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल भी लोथल से ही इस बैठक में शामिल होंगे। इनके साथ केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग एवं आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल; केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ मनसुख मांडविया, और पर्यटन, बंदरगाह जहाजरानी और जलमार्ग राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक भी उपस्थित रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखी थी और 2019 में इस मास्टर प्लान को उन्होंने अनुमोदित किया था। ₹3500 करोड़ की लागत से बनने वाला यह परिसर सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर समकालीन समय तक भारत के समृद्ध समुद्री इतिहास को प्रदर्शित करेगा। यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि 1955 से 1960 के बीच खुदाई के दौरान लोथल में एक प्राचीन बंदरगाह शहर की खोज की गई थी, जो सिंधु घाटी सभ्यता से भी पहले की थी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली गुजरात सरकार एक्स्टर्नल इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे SH1 से NMHC साइट तक 4 लेन 11.58 किमी सड़क को बनाने, जल आपूर्ति प्रदान करने और 66 KV बिजली की आपूर्ति जैसी व्यवस्थाएँ कर इस परियोजना को प्राथमिकता के साथ तेजी से पूरा करने में अपना योगदान दे रही है। आपके बता दें कि इस परियोजना को 2 फेज़ में पूरा किया जाएगा। फेज़-I-A के तहत 5 दीर्घाओं के साथ संग्रहालय भवन परिसर, नौसेना गैलरी, और 35 एकड़ में इस परियोजना से संबंधित दूसरे विकास कार्यों को संपादित किया जाएगा। इसे EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) मोड के तहत ₹774.23 करोड़ की लागत से विकसित किया जाएगा। फेज 1-B में बैलेंस गैलरी, एक लाइटहाउस, और 5-डी डोम थिएटर जैसे आकर्षकों को जोड़ा जाएगा। वहीं फेज़ 2 के तहत स्टेट्स पवेलियन, लोथल सिटी, मैरीटाइम इंस्टीट्यूट सहित हॉस्टल का निर्माण, इको-रिसॉर्ट्स, क्लाइमेट चेंज थीम पार्क, मॉन्यूमेंट थीम पार्क और एडवेंचर एंड एम्यूजमेंट पार्क को विकसित किया जाएगा। आने वाले समय में लोथल को पर्यटकों के लिए एक नए अंतरराष्ट्रीय गंतव्य के रूप में विकसित किए जाने की योजना है जिसके बाद यह विश्व के प्रसिद्ध संग्रहालयों की श्रेणी में से एक हो जाएगा। लोथल को अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने से यहाँ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी काफी प्रोत्साहन मिलेगा जिसका असर इसके आसपास स्थित गाँवों की अर्थव्यवस्था और लोगों की समृद्धि पर भी पड़ेगा|