पौष माह की एक सर्द सुबह !

आधुनिकता ने हमें इंटरनेट से जरूर नवाज दिया है परंतु

जीवंत मनोरंजन का कोई सानी नहीं ….! अब तो ग्रामीण क्षेत्रों के जीवन में ही इस तरह के दृश्य नजर आ जाते हैं ….! 

छाया – ऋतुराज बुड़ावनवाला, खाचरौद (उज्जैन)