गुणगान कैसे गाऊँ     . 

प्रभु आपकी कृपा का ,

गुणगान कैसे गाऊँ ।

छोटी है मेरि बुद्धी ,

कुछ भी समझ न पाऊँ ।

प्रभु आपकी कृपा का……..

मैं तो भटक रहा था ,

अँधियार में प्रभू जी ।

नहिं सूझती थीं राहें ,

संसार की प्रभू जी ।

तुने राह जो दिखाई ,

बखान कर न पाऊँ ।

प्रभु आपकी कृपा का……..

मेरि नाव तो पड़ी थी ,

मझधार में प्रभू जी ।

नहिं था कोई खेवैया ,

पतवार ना प्रभू जी ।

तेरी कृपा हुई जब ,

तब मैं उबर जो पाऊँ ।

प्रभु आपकी कृपा का

      ब्रह्मेश्वर नाथ मिश्र

   आरा, भोजपुर, बिहार

   मो.नं. 8210058213