:: सिंहस्थ 2028 को लेकर महापौर भार्गव ने दिए सख्त निर्देश ::
इंदौर । महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए कान्ह और सरस्वती नदी के शुद्धिकरण कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि ये सभी कार्य तय समय सीमा में पूरे किए जाएँ। उन्होंने इन नदियों को केवल भौतिक परियोजना का हिस्सा नहीं, बल्कि सिंहस्थ जैसे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्सव की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
शुक्रवार को सिटी बस कार्यालय में आयोजित बैठक में महापौर ने कहा कि सिंहस्थ कुंभ हमारी नदियों की निर्मल धारा और पवित्रता से जुड़ा है। उन्होंने जोर दिया कि इंदौर की कान्ह और सरस्वती नदियाँ इस परंपरा की जीवनरेखा हैं, जिनकी शुद्धता और निर्बाध प्रवाह से ही आगामी सिंहस्थ और अधिक भव्य होगा।
इस बैठक में महापौर ने नमामि गंगे परियोजना (चरण-1) के तहत चल रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्य में तेज़ी लाने के निर्देश दिए। साथ ही, नमामि गंगे चरण-2 की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
महापौर ने कहा कि बारिश के बाद क्षतिग्रस्त सीवरेज लाइनों की मरम्मत का काम तुरंत और युद्ध स्तर पर शुरू किया जाए, ताकि शुद्धिकरण अभियान में कोई रुकावट न आए। उन्होंने अमृत 2.0 योजना के तहत नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और सीवरेज नेटवर्क स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी तत्काल कार्य शुरू करने को कहा। इन सभी प्रयासों का अंतिम लक्ष्य इन नदियों को पूरी तरह से स्वच्छ करना है, ताकि इनका जल शिप्रा नदी को प्रदूषित न करे और नदियाँ अपनी प्राकृतिक पवित्रता वापस पा सकें। यह बैठक इंदौर की नदियों को पुनर्जीवित करने के प्रयासों का हिस्सा है, ताकि सिंहस्थ 2028 के लिए वे पूरी तरह से तैयार हो सकें।
बैठक में एमआईसी सदस्य अभिषेक बबलू शर्मा, अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, कार्यपालन यंत्री विवेश जैन सहित विभागीय सहायक यंत्री, उपयंत्री और कंसल्टेंट टीम के सदस्य उपस्थित थे।