मतदाता सूची पुनरीक्षण : इंदौर जिले ने एसआईआर का 100% लक्ष्य किया पूर्ण

मध्य प्रदेश

:: कलेक्टर वर्मा की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक, 6% अनमैप्ड मतदाताओं की मैपिंग पर फोकस ::
इंदौर। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शिवम वर्मा की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यों की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मान्यता प्राप्त सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में जानकारी दी गई कि इंदौर जिले ने एसआईआर (Special Intensive Revision) निस्तारण का निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण कर लिया है। कलेक्टर वर्मा ने सभी के सहयोग से यह कार्य निर्धारित समय से पूर्व सफलतापूर्वक पूर्ण करने के लिए आभार व्यक्त किया। उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी इंदौर जिले में हुए कार्यों की सराहना की, उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग और समन्वय से यह कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है।
अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी नवजीवन विजय पवार सहित अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में अगले चरण की गतिविधियों को गति देने के लिए विस्तृत जानकारी साझा की गई। बैठक में बताया गया कि जिले में वर्तमान में लगभग 6 प्रतिशत मतदाता अनमैप्ड हैं, जिनकी मैपिंग का कार्य प्राथमिकता पर किया जाएगा। इसके लिए शीघ्र ही बीएलओ (BLOs) और राजनीतिक दलों के बीएलए (BLAs) की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि सभी प्रलंबित प्रविष्टियों को समयबद्ध तरीके से निपटाया जा सके। अनमैप्ड रह जाने वाले मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे और वे आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर अपने दावे प्रस्तुत कर सकेंगे, जिसके बाद दावा-आपत्ति प्रक्रिया पूर्ण होने पर फाइनल ड्राफ्ट रोल प्रकाशित किया जाएगा।
बैठक में राजनीतिक दलों को नए प्रस्तावित मतदान केंद्रों की जानकारी भी दी गई। जिले में वर्तमान में अभी 2625 मतदान केंद्र थे, किंतु 585 नए मतदान केंद्र आयोग के अनुमोदन के पश्चात बनाए गए हैं। इन्हें मिलाकर अब जिले में 3210 मतदान केंद्र हो गए हैं, और आगामी ड्राफ्ट रोल इन्हीं अद्यतन मतदान केंद्रों को ध्यान में रखते हुए प्रकाशित किए जाएंगे।
प्रशासन ने आश्वस्त किया कि राजनीतिक दलों द्वारा जनसुविधा बढ़ाने के लिए दिए गए सभी सार्थक सुझावों को लागू किया जाएगा, जैसे कि बीएलओ और एईआरओ की बैठकों के स्थानों को इस प्रकार निर्धारित करना ताकि मतदाताओं को दावा-आपत्ति प्रक्रिया हेतु लंबी दूरी तय न करनी पड़े। अधिकारियों ने बताया कि एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड तथा डुप्लीकेट प्रविष्टियों की भी समीक्षा की गई है और इनसे संबंधित आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
अधिकारियों ने इंदौर जिले के सभी मतदाताओं के सहयोग और सहभागिता के लिए आभार व्यक्त करते हुए अपील की कि जो भी मतदाता अनमैप्ड हैं या एसजीडी सूची में जिनका नाम अपडेट होना है वे शीघ्र अपना दावा प्रस्तुत करें, ताकि निर्वाचन कार्य समय पर और सुचारू रूप से पूर्ण हो सके। बैठक में बताया गया कि निर्वाचन आयोग के सभी निर्देशों का पालन करते हुए आगामी चरणों को भी जिले में सर्वोत्तम तरीके से सफलतापूर्वक निर्धारित समय में संपादित किया जाएगा।

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