इंदौर के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता की अलख : अब स्टील के बर्तनों से आयोजनों को बनाया जा रहा कचरा मुक्त

इंदौर

:: अहीरखेड़ी में स्वच्छ चौपाल : महापौर और विधायक ने ग्रामीणों के जज्बे को सराहा; 29 गांवों में बुनियादी विकास शुरू ::
इंदौर । इंदौर नगर निगम की सीमा में शामिल हुए 29 ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अब केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन का रूप ले रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को ग्राम अहीरखेड़ी में स्वच्छ चौपाल संवाद का आयोजन किया गया। महापौर पुष्यमित्र भार्गव और विधायक मधु वर्मा की मौजूदगी में हुए इस संवाद में ग्रामीणों की जागरूकता के ऐसे उदाहरण सामने आए, जिसने शहरी क्षेत्रों के लिए भी एक मिसाल पेश की है।
:: डिस्पोजेबल को ना, स्टील को हां ::
संवाद के दौरान पूर्व सरपंच ने एक प्रेरक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि ग्राम की धर्मशाला में होने वाले सभी सामाजिक और मांगलिक आयोजनों में अब डिस्पोजेबल (प्लास्टिक/कागज) बर्तनों का उपयोग पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसके स्थान पर केवल स्टील के बर्तनों का उपयोग किया जाता है, जिससे कचरे के उत्सर्जन में भारी कमी आई है।
:: महिला समूहों का कमाल : 5 श्रेणियों में कचरा पृथक्करण ::
चौपाल में उपस्थित महिलाओं ने बताया कि वे स्वच्छता को लेकर बेहद गंभीर हैं। घर-घर कचरा संग्रहण के लिए आने वाली गाड़ी में वे कचरे को केवल गीला और सूखा ही नहीं, बल्कि 4 से 5 अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर देती हैं। महापौर श्री भार्गव ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि स्वच्छता के मामले में हमारे ग्रामीण क्षेत्र अब शहरी क्षेत्रों को भी पीछे छोड़ रहे हैं।
:: अमृत 2.0 से बदलेगी गांवों की तस्वीर ::
महापौर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि विकास की दौड़ में ये 29 गांव पीछे नहीं रहेंगे। उन्होंने बताया कि अमृत प्रोजेक्ट 2.0 के अंतर्गत इन गांवों में पानी की पाइपलाइन, पक्की सड़कें और सीवरेज सिस्टम विकसित करने के कार्य युद्ध स्तर पर प्रारंभ कर दिए गए हैं।
विधायक मधु वर्मा और स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ल ने भी नागरिकों से स्वच्छता को अपनी स्थायी जीवनशैली बनाने और नगर निगम के प्रयासों में कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन और महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य उपस्थित रहीं।