जैसे-जैसे ‘मास्टरशेफ इंडिया’ अपने नए सीजन में कदम रख रहा है, यह शो ऐसी कहानियाँ सामने ला रहा है जो भारत की सांस्कृतिक शक्ति, बदलते रिश्तों और परंपराओं से जुड़े गौरव को दर्शाती हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक यात्रा बुंदेलखंड से आई है, जहाँ विष्णु पुरोहित और उनकी बहू हर्षिनी पुरोहित मास्टरशेफ के मंच पर न केवल स्वाद, बल्कि पीढ़ियों के विश्वास और अनुशासन की विरासत लेकर पहुँचे हैं।
झांसी में रहने वाली यह ससुर-बहू की जोड़ी बुंदेलखंड के सात्विक पाक दर्शन को एक भावभीना ट्रिब्यूट अर्पित करती है। विष्णु पुरोहित 1971 से खाना बना रहे हैं और उन्होंने अपनी यात्रा एक छात्र के रूप में शुरू की थी जो खुद के लिए खाना बनाता था। धीरे-धीरे इस जुनून को एक उद्देश्य में बदल दिया। हर्षिनी पुरोहित 2023 में इस परिवार का हिस्सा बनीं और वह एक आधुनिक लेकिन परंपराओं के प्रति बेहद सम्मानित दृष्टिकोण रखती हैं। सोशल इंटेलिजेंस में पीएचडी स्कॉलर हर्षिनी का खाना पकाने के प्रति प्रेम बचपन से ही था, जो उनके ससुर के मार्गदर्शन में और भी गहरा हो गया।

