सबसे अंधेरे साल के बाद, हमने रोशनी को चुना

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जैसे ही साल 2025 खत्म होने जा रहा है, अभिनेत्री सीरत कपूर इस साल को अपने और पूरे देश के लिए सबसे भावनात्मक और चुनौतीपूर्ण सालों में से एक बताती हैं। उनके अनुसार, 2025 ऐसा साल रहा जिसने भारत को कई दुखद घटनाओं से गुज़रते देखा — प्राकृतिक आपदाएं, भीड़ से जुड़े हादसे, इंफ्रास्ट्रक्चर की नाकामियाँ और आतंकी घटनाएँ। इन सबने देश को गहरे शोक और आत्ममंथन के दौर से गुज़ारा।सीरत 2025 को एक “कॉस्मिक साल” कहती हैं — ऐसा साल जिसने इंसान को भावनात्मक रूप से उसकी सीमा तक पहुँचा दिया, लेकिन साथ ही उसे मानसिक मजबूती, स्वीकार और सहनशक्ति का असली मतलब भी सिखाया।“2025 ने हमें रुककर सोचने पर मजबूर किया। इसने हमें याद दिलाया कि जिंदगी कितनी अनिश्चित है और दुख व दर्द के समय हम एक-दूसरे से कितनी गहराई से जुड़ जाते हैं।