स्वच्छ जल के लिए महा-अभियान : इंदौर में दो चरणों में होगी जल सुनवाई और टंकियों की सफाई

इंदौर

मुख्यमंत्री के निर्देश पर जल सुरक्षा व संरक्षण का शंखनाद; महापौर, कलेक्टर और निगमायुक्त ने वीसी के जरिए तय की रणनीति ::
इन्दौर । प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ, सुरक्षित और निर्बाध जल पहुँचाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर जल सुरक्षा, संरक्षण एवं जल सुनवाई अभियान का खाका तैयार कर लिया गया है। इंदौर में इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए रविवार को आयोजित उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) में महापौर पुष्यमित्र भार्गव, कलेक्टर शिवम वर्मा और निगमायुक्त क्षितिज सिंघल सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री के विजन को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन और नगर निगम ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाल लिया है।
:: दो चरणों में चलेगा अभियान : 31 मई तक का रोडमैप ::
शहर की जल प्रदाय व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए यह अभियान दो विशेष चरणों में संचालित होगा:
प्रथम चरण : 10 जनवरी से शुरू होकर 28 फरवरी 2026 तक चलेगा।
द्वितीय चरण : 1 मार्च से 31 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा।
अभियान का प्राथमिक उद्देश्य गर्मियों के मौसम से पहले जल स्रोतों का संरक्षण और वितरण प्रणाली को शत-प्रतिशत लीकेज मुक्त बनाना है।
:: प्रत्येक मंगलवार होगी जल सुनवाई ::
अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी जल सुनवाई होगी। प्रत्येक मंगलवार को नगर निगम और संबंधित कार्यालयों में विशेष सुनवाई आयोजित की जाएगी, जहाँ नागरिक जल आपूर्ति और सीवरेज से जुड़ी अपनी समस्याएं सीधे दर्ज करा सकेंगे। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्पष्ट किया कि इन शिकायतों का निराकरण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर समय-सीमा के भीतर करना होगा।
:: टंकियों की सफाई और सैम्पल टेस्टिंग पर जोर ::
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में शहर की समस्त जल टंकियों की वैज्ञानिक पद्धति से सफाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, पाइपलाइनों के लीकेज सुधारने के लिए विशेष टास्क फोर्स तैनात की जाएगी। पानी की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमित अंतराल पर जल नमूनों की टेस्टिंग की जाएगी। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि इस अभियान में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभियान की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा कलेक्टर और निगमायुक्त स्वयं करेंगे।