चाइनीज मांझे पर कोर्ट सख्त, बेचने और उपयोग करते पाये जाने पर बीएनएस की धारा 106 (1) के तहत आपराधिक अभियोजन दर्ज हो

मध्य प्रदेश

इन्दौर | मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला एवं जस्टिस आलोक अवस्थी की युगल पीठ ने चाइनीज मांझे पर स्वत संज्ञान ले दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई दौरान इस विषय को सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर संकट बताते हुए प्रशासन को कठोर एवं त्वरित कदम उठाने का आदेश देते कहा कि अवैध रूप से बिक रहे और उपयोग में लाए जा रहे चायनीज मांझे के कारण हो रही गंभीर दुर्घटनाओं, चोटों एवं जनहानि को देखते हुए इस प्रकरण में स्वतः संज्ञान लेकर जनहित याचिका दर्ज की गई थी इसके बावजूद यह तथ्य न्यायालय के संज्ञान में लाया गया कि इंदौर सहित आसपास के जिलों में आज भी खुलेआम चाइनीज मांझे का उपयोग और बिक्री जारी है। कोर्ट ने यह रेखांकित करते कहा कि मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर पतंगबाजी बड़े पैमाने पर होती है और यदि समय रहते सख्त नियंत्रण नहीं किया गया, तो अनेक निर्दोष नागरिकों की जान खतरे में पड़ सकती है। सुनवाई के दौरान इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा स्वयं न्यायालय में उपस्थित रहे। उन्होंने अदालत को आश्वस्त किया कि इस विषय में आवश्यक आदेश आज ही पारित कर सभी संबंधित जिलों को तत्काल प्रेषित किए जाएंगे, ताकि किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए। वहीं कोर्ट ने याचिका पर अंतरिम आदेश के रूप में पुलिस आयुक्त, इंदौर, कलेक्टर, इंदौर तथा इंदौर से सटे उज्जैन, देवास, धार, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, मंदसौर, नीमच, रतलाम, शाजापुर एवं राजगढ़ जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश दिए कि वे-चीनी नायलॉन मांझे के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध का कठोरता से पालन सुनिश्चित करें, बाजारों में निरंतर निगरानी रखते हुए इस प्रतिबंधित मांझे की किसी भी प्रकार की उपलब्धता को तत्काल रोकें, प्रिंट, सोशल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से व्यापक जन-जागरुकता अभियान चलाएं तथा आम नागरिकों को यह स्पष्ट रूप से अवगत कराएं कि चीनी मांझे का उपयोग या बिक्री करना दंडनीय अपराध है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति चीनी नायलॉन मांझा बेचते या उपयोग करते पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 106 (1) (पूर्व में धारा 304-ए, भारतीय दंड संहिता) के अंतर्गत आपराधिक अभियोजन किया जा सकता है। मामले की अगली सुनवाई 16 जनवरी तय की गई है।