अभिनेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता सोमि अली, जो एनजीओ ‘नो मोर टीयर्स’ की संस्थापक हैं, आज की युवा पीढ़ी, उनकी चुनौतियों और दुनिया को बदलने की उनकी ताकत पर बेहद जुनून के साथ अपनी बात रखती हैं।सोमि कहती हैं, “मुझे आज के युवाओं में खुद की झलक दिखती है। वही उलझन, वही जुनून, और एक ऐसे दौर में कुछ सच्चा पाने की चाह, जो फ़िल्टर और दिखावे से भरा है। अपने एनजीओ ‘नो मोर टीयर्स’, अपने नए टॉक शो ‘द अनकम्फर्टेबल कन्वर्सेशन’ और सोशल मीडिया के ज़रिए मैं रोज़ युवाओं से जुड़ती हूँ। कोई सर्वाइवर अपनी कहानी बताता है, कोई गिरने के बाद फिर उठने का रास्ता पूछता है, तो कोई उन व्यवस्थाओं पर सवाल करता है जो उन्हें एक दायरे में बाँधना चाहती हैं। आप डिजिटल नेटिव्स हैं, टेक्नोलॉजी के साथ निडर, और अन्याय के खिलाफ उस तरह आवाज़ उठाते हैं, जैसा मेरी पीढ़ी नहीं कर पाई। आपका साहस मुझे 16 साल की उस लड़की की याद दिलाता है जो सपनों की ओर भागी थी, लेकिन डरावने अनुभवों से भी गुज़री। फर्क बस इतना है कि आप ज़्यादा समझदार, ज़्यादा मुखर और सब कुछ बदलने के लिए तैयार हैं। यही मेरा आपसे रिश्ता है।”

