भारत में विमान हादसों में नेताओं की मौत: देश को झकझोर देने वाली त्रासदियाँ * विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत से शोक में डूबा

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महाराष्ट्र मुंबई। भारत ने विमान और हेलीकॉप्टर हादसों में कई कद्दावर नेताओं को खोया है, जिनकी कमी आज भी महसूस की जाती है। ये हादसे हमें याद दिलाते हैं कि चाहे कोई कितना ही बड़ा नेता क्यों न हो, सुरक्षा में लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। भारत में समय-समय पर हुए विमान और हेलीकॉप्टर हादसों ने न सिर्फ आम नागरिकों को, बल्कि देश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व को भी छीना है। इसी प्रकार बुधवार सुबह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष अजित पवार का चार्टर प्लेन क्रैश हो गया जिससे उनकी दर्दनाक मौत हो गई। उनकी अकस्मात मौत की खबर से महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि समूचे देश में शोक छाया हुआ है। खासकर महाराष्ट्र शोक में डूबा है और अजित पवार को चाहने वाले उनके गृह क्षेत्र बारामती की ओर जा रहे हैं। आपको बता दें कि भारत में विमान और हेलीकॉप्टर हादसे केवल दुर्घटनाएँ नहीं हैं बल्कि इन हादसों ने देश की राजनीति, प्रशासन और जनता की भावनाओं पर गहरा प्रभाव डाला। आज भी जब इन घटनाओं को याद किया जाता है, तो पूरा देश शोक में डूब जाता है। आईये एक नजर डालते हैं कुछ प्रमुख विमान हादसों पर-* संजय गांधी विमान हादसा (1980)23 जून 1980 का दिन भारतीय राजनीति के लिए बेहद दुखद साबित हुआ। कांग्रेस नेता और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुत्र संजय गांधी की दिल्ली में एक छोटे विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से मौत हो गई। वे खुद विमान उड़ा रहे थे, तभी तकनीकी खराबी के कारण विमान गिर गया। संजय गांधी को इंदिरा गांधी का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जा रहा था। उनकी असमय मृत्यु ने कांग्रेस पार्टी और देश की राजनीति की दिशा को पूरी तरह बदल दिया।* माधवराव सिंधिया विमान दुर्घटना (2001)30 सितंबर 2001 को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और गुना से सांसद माधवराव सिंधिया का निजी विमान उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में उनके साथ विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई। माधवराव सिंधिया को एक सौम्य, दूरदर्शी और जनता से जुड़े नेता के रूप में जाना जाता था। उनकी मौत से कांग्रेस को बड़ा झटका लगा और देश ने एक अनुभवी राजनेता खो दिया।* जीएमसी बालयोगी हेलीकॉप्टर हादसा (2002)आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे जी.एम.सी. बालयोगी की 2002 में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई। खराब मौसम के कारण उनका हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ।बालयोगी न केवल एक प्रभावशाली नेता थे, बल्कि वे लोकसभा अध्यक्ष भी रह चुके थे। उनकी मौत को भारतीय लोकतंत्र के लिए बड़ी क्षति माना गया।* वाई.एस. राजशेखर रेड्डी (वाईएसआर) हेलीकॉप्टर दुर्घटना (2009)2 सितंबर 2009 को आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी का हेलीकॉप्टर नल्लमाला जंगल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में उनकी मौत हो गई। वाईएसआर एक लोकप्रिय जननेता थे और उनकी मृत्यु के बाद आंध्र प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता फैल गई। इस घटना के बाद हेलीकॉप्टर सुरक्षा पर देशभर में सवाल उठे।* सीडीएस बिपिन रावत हेलीकॉप्टर हादसा (2021)8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए हेलीकॉप्टर हादसे में भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 अन्य सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई। यह हादसा भारत के सैन्य इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में से एक माना जाता है। देशभर में शोक की लहर दौड़ गई और सुरक्षा मानकों की गहन समीक्षा की मांग उठी।* अन्य राजनीतिक हस्तियाँ और हादसेइसके अलावा भी कई केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद और वरिष्ठ नेता हवाई दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा चुके हैं। खासतौर पर वीआईपी मूवमेंट के दौरान खराब मौसम, तकनीकी खराबी और मानवीय भूलें इन हादसों की प्रमुख वजह रही हैं।* सुरक्षा पर उठते सवालहर बड़े हादसे के बाद सरकार जांच के आदेश देती है, रिपोर्ट आती है, लेकिन सवाल वही रहते हैं– क्या वीआईपी उड़ानों के लिए पर्याप्त सुरक्षा मानक हैं?- क्या मौसम की चेतावनियों को गंभीरता से लिया जाता है?- क्या पायलट और तकनीकी स्टाफ पर दबाव में उड़ान भरने का दबाव रहता है?विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत में वीआईपी हेलीकॉप्टर उड़ानों के लिए और सख्त नियम, आधुनिक तकनीक और पारदर्शी जांच प्रणाली की जरूरत है।