दूषित पानी की शिकायत अनसुनी करने पर झोन 8 के सहायक यंत्री को नोटिस

इंदौर

निगम आयुक्त ने की जलप्रदाय और सीवरेज विभाग की समीक्षा; अंतिम छोर तक क्लोरीनीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश ::
इंदौर । नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बुधवार को सिटी बस सभाकक्ष में जलप्रदाय, सीवरेज और जनशिकायत निवारण प्रणाली की झोनवार विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जनसुविधाओं से जुड़ी शिकायतों के निराकरण में देरी पर आयुक्त ने कड़ा रुख अपनाया। विशेष रूप से दूषित पानी की समस्या का समय पर समाधान न करने पर उन्होंने झोन 8 के सहायक यंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने सीवरेज और जलप्रदाय विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट किया कि यदि सीवरेज लाइनों की नियमित और वैज्ञानिक तरीके से सफाई की जाए, तो लीकेज और दूषित पानी मिलने की शिकायतें 50 प्रतिशत तक कम हो सकती हैं। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड पर जाकर लाइनों की निगरानी करने और लीकेज की सूचना मिलते ही तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा।
पेयजल की शुद्धता पर जोर देते हुए आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी जल टंकियों पर क्लोरीनीकरण कार्य की सख्त मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि केवल टंकी पर ही नहीं, बल्कि वितरण प्रणाली के अंतिम छोर तक निर्धारित मानकों के अनुसार क्लोरीनीकरण मिलना चाहिए, ताकि नागरिकों को सुरक्षित पेयजल मिल सके। इसके लिए नियमित सैंपलिंग और टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए आयुक्त ने शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों में स्वच्छता के विशेष प्रबंध करने को कहा। उन्होंने स्कूलों में टॉयलेट और परिसर की सफाई, दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाओं की उपलब्धता और सीएसआर के माध्यम से परिसरों के सौंदर्यीकरण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में सीएम हेल्पलाइन, इंदौर 311 एप और जलसुनवाई में लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई।