नई दिल्ली । लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ संभावित अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ सांसद रामगोपाल यादव ने स्पष्ट किया है कि यदि स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाता है तो समाजवादी पार्टी उसका समर्थन करेगी। उनके इस बयान से संकेत मिलते हैं कि इस मुद्दे पर विपक्ष एकजुट होता नजर आ रहा है।
रामगोपाल यादव ने कहा कि संविधान के तहत लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रावधान है, लेकिन यह एक असाधारण और अंतिम विकल्प होता है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का प्रयास यही रहेगा कि ऐसी स्थिति पैदा न हो, लेकिन यदि हालात वहां तक पहुंचते हैं और स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आता है, तो समाजवादी पार्टी उसका समर्थन करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जब भी इस तरह की स्थिति बनेगी, विपक्ष अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखेगा।
इस मुद्दे पर विपक्ष है गंभीर : प्रमोद तिवारी
इस बीच संसद के भीतर जारी हंगामे और विपक्ष के विरोध को लेकर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी संकेत दिए हैं कि विपक्ष इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है और आगे की रणनीति पर विचार किया जा रहा है। विपक्ष का आरोप है कि सदन में उन्हें अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं।
सत्तापक्ष ने कहा- संसदीय परंपराएं तोड़ रहा विपक्ष
वहीं दूसरी ओर, सत्तापक्ष ने विपक्ष पर संसदीय परंपराओं को तोड़ने का आरोप लगाया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि बीजेपी और एनडीए के सांसद विपक्ष के रवैये से बेहद नाराज हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में कांग्रेस सांसदों द्वारा सदन में की गई गतिविधियों से माहौल तनावपूर्ण हो गया। किरण रिजिजू ने कहा कि कुछ कांग्रेस सांसदों द्वारा टेबल पर चढ़ने और महिला सांसदों द्वारा कोषागार पीठ की ओर बढ़ने की घटनाएं बेहद गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी की महिला सांसदों ने इस स्थिति में आगे आकर संयम बरतने की अपील की और किसी भी तरह की शारीरिक झड़प से बचने पर जोर दिया। उनके अनुसार, बीजेपी संसदीय परंपराओं में विश्वास रखती है और चाहती है कि सदन सुचारु रूप से चले। मंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसे सदन के नियमों की परवाह नहीं है और वह अनावश्यक आरोप लगा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को डराने जैसे आरोप लगाना शर्मनाक है। कुल मिलाकर, लोकसभा में जारी गतिरोध और स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।

