एपस्टीन फाइल्स जारी होने के बाद 10 देशों के अफसरों ने दिए इस्तीफे

अंतरराष्ट्रीय

-दस्तावजों में राजनेताओं-अरबपतियों और शाही परिवारों के नाम, जांच शुरु
न्यूयॉर्क । अमेरिका में यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े सीक्रेट दस्तावेज सामने आते ही दुनिया में हड़कंप मच हुआ है। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने करीब 30 लाख पेज के डॉक्यूमेंट्स 30 जनवरी को जारी किए थे। इसके बाद 10 देशों में 15 से ज्यादा बड़े अधिकारियों को पद छोड़ना पड़ा है। 80 से ज्यादा ताकतवर लोगों की जांच चल रही है। इन फाइलों में नेता, राजदूत, अरबपति और शाही परिवारों के नाम शामिल हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इन जारी दस्तावेजों में ईमेल, फ्लाइट लॉग और संपर्क रिकॉर्ड में 700 से 1000 असरदार लोगों का जिक्र है। कई मामलों में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप भी हैं। दस्तावेजों में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और हिलेरी क्लिंटन जैसे हाई-प्रोफाइल नाम अलग-अलग संदर्भों में सामने आए हैं। ब्रिटेन-नॉर्वे के शाही परिवार निशाने पर है। ब्रिटेन में सबसे ज्यादा इस्तीफे हुए हैं।
एपस्टीन खुलासे के बाद सबसे ज्यादा हड़कंप यूरोप में है। करीब 10 देशों में इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। सबसे ज्यादा ब्रिटेन में तीन अधिकारियों को पद छोड़ना पड़ा। पूर्व राजदूत पीटर मैंडेलसन, सलाहकार एडम पेरी और पीएम कीर स्टार्मर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने इस्तीफा दे दिया है। स्लोवाकिया में पूर्व विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मीरोस्लाव लाइचाक ने 300 से ज्यादा ईमेल और आपत्तिजनक चैट सामने आने पर इस्तीफा दिया। स्वीडन की सीनियर डिप्लोमेट जोआना रुबिनस्टीन ने पद छोड़ा। नॉर्वे की राजदूत मोना जूल, अमेरिका में लेबर मिनिस्टर एलेक्स एकोस्टा और एमआईटी लैब प्रमुख जोइची इतो ने इस्तीफा दिया।
एपस्टीन फाइल्स कई देशों की सरकारों के लिए कूटनीतिक और राजनीतिक शर्मिंदगी का कारण बन गईं। ब्रिटिश पीएम स्टार्मर को माफी मांगनी पड़ी, जबकि प्रिंस एंड्रयू के खिलाफ ब्रिटिश पुलिस ने नई फाइलों के आधार पर ‘फ्रेश रिव्यू’ शुरू किया। नॉर्वे में राजदूत मोना जुएल को निलंबित किया गया और पूर्व पीएम थोरबजॉर्न जगलैंड के खिलाफ भ्रष्टाचार जांच शुरू हो गई है। सीनियर डिप्लोमेट तेर्झे रोड-लार्सन पर भी जांच चल रही है। फ्रांस में पूर्व मंत्री जैक लैंग को आधिकारिक समन जारी हुआ। पोलैंड, लातविया और तुर्किये ने मानव तस्करी के साथ आधिकारिक साठगांठ की जांच के लिए स्पेशल टीमें बनाईं।
कुछ बड़े नाम सामने आने के बाद उन्हें और उनके परिवारों को सार्वजनिक रूप से माफी या अफसोस जताना पड़ा। नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस मेटे-मारिट के ईमेल और संवाद सामने आने पर राजशाही स्तर की संस्थागत समीक्षा हुई और उन्होंने सार्वजनिक माफी मांगी। इजराइल के पूर्व पीएम एहुद बराक का नाम न्यूयॉर्क में एपस्टीन के अपार्टमेंट में ठहरने और बैठकों के रिकॉर्ड में आया, जिसके बाद उन्हें सफाई देनी पड़ी।
एपस्टीन फाइल्स में ट्रम्प का नाम 38 हजार से ज्यादा बार आया है। रिकॉर्ड में 1990 के दशक में एपस्टीन के निजी विमान से 7-8 यात्राओं का जिक्र है। ट्रम्प के मार-ए-लागो क्लब की गेस्ट लिस्ट में भी शामिल हैं। जांच में सामने आया कि यौन शोषण का नेटवर्क अमेरिका तक सीमित नहीं था। एपस्टीन ने संगठित ट्रैफिकिंग नेटवर्क बनाया। अब तक 15 देशों के रईसों, नेताओं और अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के नाम सामने आए हैं।