नई दिल्ली । आधुनिक दौर में हवाई यात्रा लंबी दूरी तय करने का सबसे तेज और सुरक्षित साधन मानी जाती है, लेकिन दुनिया में कुछ ऐसे एयरपोर्ट भी हैं जहां विमान उतारना पायलटों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा होता है। मशहूर ट्रैवल प्लेटफॉर्म द लग्जरी टेवल एक्सपर्ट ने हाल ही में दुनिया के पांच सबसे खतरनाक एयरपोर्ट की सूची जारी की है। इन हवाई अड्डों पर भौगोलिक स्थिति, मौसम और तकनीकी सीमाओं के कारण छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
जारी सूची में पहले स्थान पर नेपाल का लुकला एयरपोर्ट है, जिसे टेंजिंग-हिलरी एयरपोर्ट के नाम से भी जाना जाता है। यह एयरपोर्ट समुद्र तल से करीब 2,860 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और इसका रनवे केवल 527 मीटर लंबा है। रनवे के एक ओर ऊंची चट्टानें हैं, जबकि दूसरी ओर गहरी खाई। यहां विमान को लगभग सीधे ढलान पर उतारना पड़ता है। वर्ष 2025 में यहां हुए दो हादसों में 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इसी कारण यहां केवल अत्यधिक अनुभवी पायलटों को ही लैंडिंग की अनुमति दी जाती है।
दूसरे नंबर पर भूटान का पारो एयरपोर्ट है। यह एयरपोर्ट 2,200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और इसके चारों ओर 5,500 मीटर तक ऊंचे पहाड़ हैं। यहां ऑटोमेटिक लैंडिंग सिस्टम काम नहीं करता, इसलिए पायलट को पूरी तरह मैन्युअल कंट्रोल में विमान उतारना पड़ता है। दुनिया भर में केवल लगभग 50 पायलट ही ऐसे हैं जिन्हें पारो एयरपोर्ट पर लैंडिंग की विशेष अनुमति प्राप्त है।
तीसरे स्थान पर फ्रांस का कूर्शेवेल एयरपोर्ट है, जो एक प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट के पास स्थित है। इसका रनवे सिर्फ 537 मीटर लंबा और काफी ढलान वाला है। यहां नाइट लैंडिंग की सुविधा नहीं है और सर्दियों में बर्फबारी के कारण जोखिम और बढ़ जाता है।
चौथे नंबर पर पुर्तगाल का मदीरा एयरपोर्ट है, जो समुद्र के ऊपर बना हुआ है। तेज हवाओं और बदलते मौसम के कारण यहां लैंडिंग बेहद कठिन मानी जाती है। हालांकि रनवे को बाद में बढ़ाया गया है, फिर भी पायलटों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।
पांचवें स्थान पर होंडुरास का टोंकोटिन एयरपोर्ट है। यह पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, जहां विमान को उतरने से पहले तीखे मोड़ लेने पड़ते हैं। वर्ष 2008 में यहां हुए एक बड़े हादसे में 152 लोगों की जान चली गई थी। आज भी इसे दुनिया के सबसे खतरनाक एयरपोर्ट्स में गिना जाता है।
इन सभी हवाई अड्डों पर लैंडिंग पायलटों के कौशल, अनुभव और साहस की असली परीक्षा होती है, यही वजह है कि इन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक एयरपोर्ट कहा जाता है।

