कूनो में गूँजी किलकारी : मादा चीता ज्वाला ने 5 शावकों को दिया जन्म; भारत में 53 हुआ चीतों का कुनबा

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:: सीएम डॉ. यादव ने जताई प्रसन्नता; वन्य जीव संरक्षण और पुनर्वास की सफलता पर दी बधाई ::
श्योपुर । मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान से वन्य जीव प्रेमियों के लिए एक और हर्षोल्लास का समाचार प्राप्त हुआ है। यहाँ मादा चीता ज्वाला ने 5 स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुशी व्यक्त करते हुए इसे चीता प्रोजेक्ट की एक बड़ी सफलता करार दिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि यह कूनो राष्ट्रीय उद्यान के लिए ऐतिहासिक क्षण है। चीता पुनर्स्थापना कार्यक्रम के अंतर्गत यह 10वीं बार है जब शावकों का सफलतापूर्वक जन्म हुआ है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि मध्यप्रदेश की जलवायु चीतों के अनुकूल है और वे यहाँ के प्राकृतिक वातावरण में पूरी तरह रच-बस गए हैं।
:: भारत में चीतों की संख्या ने छुआ नया कीर्तिमान ::
मादा चीता ज्वाला के इन 5 नए शावकों के आगमन के साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या अब 50 का जादुई आंकड़ा पार कर 53 पर पहुँच गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीतों के लिए सबसे सुरक्षित और अनुकूल घर के रूप में अपनी विशेष पहचान बना चुका है। उन्होने कहा कि चीता पुनर्स्थापन की यह सफलता न केवल वन्य जीव संरक्षण बल्कि प्रदेश में पर्यटन विकास और प्रकृति संतुलन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हुई है।
:: वन विभाग की टीम को मिली शाबाशी ::
मुख्यमंत्री ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनकी बेहतर देखरेख और निरंतर निगरानी के कारण ही यह पुनर्वास सफल हो पाया है। उन्होंने इस सफलता के लिए पूरे वन विभाग को बधाई का पात्र बताया।
वन्य जीव विशेषज्ञों का मानना है कि शावकों के जन्म का यह सिलसिला भारत को विश्व मानचित्र पर चीतों के संरक्षण के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।