:: जगद्गुरु श्रीधराचार्य महाराज एवं समाजसेवी विनोद अग्रवाल ने किया शुभारंभ; लाखों श्रद्धालुओं के लिए बनेगा सहारा ::
अयोध्या/इंदौर । धर्म नगरी अयोध्या के रामसेवकपुरम में रविवार को विश्व हिन्दू परिषद की महत्वपूर्ण सेवा परियोजना के तहत निर्मित यात्री निवास, चमेली देवी अग्रवाल अन्न क्षेत्र एवं सत्संग भवन का भव्य लोकार्पण संपन्न हुआ। यह आयोजन जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्रीधराचार्य महाराज के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ।
इस भव्य सेवा परियोजना का शुभारंभ इंदौर के वरिष्ठ समाजसेवी एवं बालाजी सेवार्थ विनोद अग्रवाल फाउंडेशन के प्रमुख विनोद अग्रवाल ने विहिप के अनेक गणमान्य पदाधिकारियों तथा संत-महात्माओं की उपस्थिति में किया। यह सेवा संकुल देश-विदेश से अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन, आवास और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए समुचित सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निर्मित किया गया है। इसमें कुल 148 सुसज्जित आवासीय फ्लैट्स उपलब्ध हैं।
इस अवसर पर विहिप के अध्यक्ष अधिवक्ता आलोक कुमार, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चम्पत राय, महामंत्री बजरंगलाल बागड़ा, संयुक्त महामंत्री वेंकट कोटेश्वर राव, संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे, उपाध्यक्ष ओमप्रकाश सिंघल, जी. गंगाराजू, रमेश जैन तथा कोषाध्यक्ष रमेश गुप्ता सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं साधु-संत उपस्थित रहे।
:: सेवा, समर्पण और जनसहयोग का अनूठा उदाहरण ::
अतिथियों ने इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे उपक्रम अयोध्या की आध्यात्मिक परम्परा को और अधिक सुदृढ़ बनाएंगे। यह परियोजना समाज के विभिन्न वर्गों के जनसहयोग से पूर्ण की गई है, जो सेवा और समाज की सहभागिता का प्रेरक उदाहरण है।
:: भवनों की मुख्य विशेषताएँ ::
- चमेलीदेवी अग्रवाल अन्न क्षेत्र एवं सत्संग भवन : यहाँ आधुनिक केंद्रीकृत रसोई स्थापित की गई है, जहाँ से प्रतिदिन श्रद्धालुओं को प्रसाद एवं भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, भवन के ऊपरी तल पर निर्मित सत्संग भवन में 400 श्रद्धालुओं के बैठने की क्षमता है, जहाँ भजन-कीर्तन एवं कथाओं का आयोजन होगा।
- मोरोपंत पिंगले भवन : यात्रियों के ठहरने हेतु 128 सुसज्जित कक्ष बनाए गए हैं। प्रत्येक कक्ष में 3 श्रद्धालु नाममात्र शुल्क पर रह सकेंगे।
- अशोक सिंघल भवन : विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे ब्रह्मलीन अशोक सिंघल को समर्पित इस भवन में 12 फ्लैट (3 बीएचके) और 8 फ्लैट (2 बीएचके) हैं, जो परिवार सहित आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए हैं।
लोकार्पण के पश्चात यह परिसर देश-विदेश से आने वाले लाखों भक्तों के लिए आवास और आध्यात्मिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है।

