कोलकत्ता । ईद का त्यौहार पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में ईद का अलग ही असर दिख रहा है। शनिवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ईद की नमाज में शामिल हुईं। वहीं, भाजपा नेता और भवानीपुर सीट से सीएम ममता को चुनावी टक्कर दे रहे सुवेंदु अधिकारी ने कालीघाट मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की है। चुनाव आयोग (ईसीआई) ने चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से कराने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की रिकॉर्ड तैनाती का फैसला किया है। आयोग के मुताबिक, दो चरणों में होने वाले मतदान के दौरान कुल 2,400 कंपनियां सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (सीएपीएफ), इंडिया रिजर्व बटालियन (आईआरबी) और विभिन्न राज्यों की सशस्त्र पुलिस की तैनात होगी। आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, राज्य में पहले चरण का मतदान 23 को और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। इसके पहले ही 480 कंपनियां सीएपीएफ की अग्रिम तैनाती के तौर पर बंगाल पहुंच चुकी है। चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि दूसरे चरण के मतदान के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखा जाएगा, ताकि किसी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था की स्थिति पैदा होने पर संभाला जा सके।
गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनावों और 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद राज्य में व्यापक हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं, यह देखकर इस बार आयोग कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। हालांकि, शेष 1,700 कंपनियों को दूसरे चरण के मतदान के तुरंत बाद वापस बुलाया जाएगा।
पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) ने बड़ा ऐलान कर 33 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है। साल 2021 में अब्बास सिद्दीकी द्वारा स्थापित पार्टी का नेतृत्व वर्तमान में राज्य के एकमात्र विधायक नौशाद सिद्दीकी कर रहे हैं। आईएसएफ ने राज्य की दो प्रमुख पार्टियों (तृणमूल कांग्रेस और भाजपा) दोनों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। इसके पहले आईएसएफ के कांग्रेस के साथ गठबंधन की कोशिशें भी सामने आई थीं, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकला।
चुनावी रणभूमि में राजनीतिक दलों की रणनीतियां भी स्पष्ट होने लगी हैं। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने नंदीग्राम सीट पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। उम्मीदवारों की सूची जारी होने से ठीक पहले पार्टी ने भाजपा नेता पबित्र कर को अपने साथ शामिल कर सभी को चौंका दिया। कर को नंदीग्राम से टीएमसी का उम्मीदवार बनाया गया है, जहां उनका मुकाबला विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी से होगा। पूर्वी मिदनापुर जिला, खासकर नंदीग्राम, लंबे समय तक टीएमसी का गढ़ रहा, लेकिन 2021 के बाद से यहां भाजपा का प्रभाव बढ़ा है। 2021 के विधानसभा चुनावों में नंदीग्राम सीट पर बेहद कांटे की टक्कर देखने को मिली थी, जहां सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बेहद कम अंतर से हराया था।

