:: सोशल मीडिया और डेटिंग एप से बनाते थे शिकार, केलोद के फार्म हाउस पर दी दबिश; रिसॉर्ट सील ::
इन्दौर/महू । इन्दौर के महू स्थित बडगोंदा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक शातिर हनीट्रैप गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स के जरिए रईस और संभ्रांत लोगों को दोस्ती के जाल में फंसाकर उनसे मोटी रकम वसूलता था। ताजा मामले में गिरोह ने एक पूर्व सैनिक को दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो महिलाओं और उनके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है।
बडगोंदा थाना प्रभारी प्रकाश वास्कले ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह की मुख्य सूत्रधार भावना भार्गव (25), उसकी साथी साधना गुप्ता (37) और विजय तिलवारे (29) शामिल हैं। आरोपियों ने पूर्व सैनिक दीपक से सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती की और उसे मेल-जोल के बहाने केलोद स्थित एक फार्म हाउस/रिसॉर्ट पर आमंत्रित किया। फरियादी दीपक जैसे ही केलोद स्थित स्थान पर पहुँचा, वहाँ भावना के साथ पहले से मौजूद साधना और विजय ने उसे घेर लिया।
:: ब्लैकमेल कर मांगे 2 लाख रुपये ::
आरोपियों ने पूर्व सैनिक पर गलत काम के आरोप लगाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की धमकी दी और मामले को रफा-दफा करने के बदले 2 लाख रुपये की मांग की। पूर्व सैनिक की सूचना पर पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की और मौके से ही तीनों आरोपियों को धरदबोचा।
:: व्यापारी से भी वसूले थे 28 हजार रुपये ::
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस गिरोह ने गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले ही इन्दौर के एक व्यापारी को अपना शिकार बनाया था और उससे 28 हजार रुपये वसूले थे। गिरोह के तार इन्दौर के विजय नगर और देवास नाका क्षेत्र से भी जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पुलिस अब इन क्षेत्रों में हुई इसी तरह की अन्य वारदातों की कड़ियाँ जोड़ रही है।
:: प्रशासन ने रिसॉर्ट किया सील ::
इस मामले में पुलिस ने उस रिसॉर्ट/फार्म हाउस के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की है जहाँ यह अनैतिक गतिविधि संचालित हो रही थी। जांच के दौरान पाया गया कि रिसॉर्ट प्रबंधन ठहरने वाले व्यक्तियों का विधिवत रिकॉर्ड नहीं रख रहा था। लोक सेवक के आदेशों की अवहेलना और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत रिसॉर्ट संचालक पर मामला दर्ज कर रिसॉर्ट को प्रशासन द्वारा सील कर दिया गया है।
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:: सावधान : अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट हो सकती है महंगी ::
सोशल मीडिया और डेटिंग एप्स के बढ़ते चलन के बीच हनीट्रैप गिरोह सक्रिय हैं। इनसे बचने के लिए पुलिस और साइबर विशेषज्ञों की इन सलाहों पर ध्यान दें:
- अनजान से दोस्ती में सावधानी : फेसबुक, इंस्टाग्राम या डेटिंग एप्स पर किसी भी अनजान व्यक्ति (विशेषकर आकर्षक प्रोफाइल फोटो वाले) की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले प्रोफाइल की जांच जरूर करें।
- निजी जानकारी साझा न करें : अनजान व्यक्ति को अपना मोबाइल नंबर, घर का पता या कार्यस्थल की जानकारी देने से बचें।
- वीडियो कॉल से बचें : अजनबियों के साथ वीडियो कॉल करना जोखिम भरा हो सकता है। गिरोह अक्सर वीडियो कॉल की स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर उसे एडिट (मॉर्फ) करते हैं और फिर ब्लैकमेल करते हैं।
- सुनसान जगह पर न मिलें : यदि किसी से मिलना जरूरी हो, तो हमेशा सार्वजनिक स्थानों (जैसे कैफे या मॉल) का चुनाव करें। अनजान व्यक्ति के बुलावे पर किसी निजी फार्म हाउस या रिसॉर्ट पर अकेले न जाएं।
- ब्लैकमेल होने पर न डरें : यदि कोई आपको डराता या ब्लैकमेल करता है, तो डरे नहीं और तुरंत अपने नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें। आपकी चुप्पी अपराधियों के हौसले बढ़ाती है।

