डगमगाती कुर्सी को बचाने के लिए कैबिनेट में बड़े फेरबदल की तैयारी कर रहे राष्ट्रपति ट्रंप

अंतरराष्ट्रीय

वॉशिंगटन । ईरान के साथ जारी भीषण युद्ध के बीच अमेरिकी प्रशासन में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। एक तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया को यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि स्थितियां उनके पूर्ण नियंत्रण में हैं, वहीं दूसरी ओर व्हाइट हाउस के भीतर रिजीम चेंज जैसा सियासी दबाव खुद ट्रंप सरकार पर बनता दिख रहा है। अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को हटाए जाने के बाद अब कैबिनेट में बड़े स्तर पर फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
करीब पांच हफ्तों से चल रही इस जंग का सीधा असर अब अमेरिकी जनता की जेब और राष्ट्रपति की लोकप्रियता पर दिखने लगा है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और महंगाई ने आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। हालिया सर्वे के अनुसार, ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग गिरकर महज 36 प्रतिशत रह गई है, जो उनके मौजूदा कार्यकाल का सबसे निचला स्तर है। व्हाइट हाउस के भीतर भी यह स्वीकार किया जा रहा है कि राष्ट्रपति का हालिया राष्ट्र के नाम संबोधन जनता का भरोसा जीतने में विफल रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप अपनी टीम के कुछ प्रमुख सदस्यों के कामकाज से नाखुश हैं। नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गबार्ड और कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक के नामों पर तलवार लटकती दिख रही है। बताया जा रहा है कि ट्रंप ने गबार्ड के विकल्पों पर अपने करीबियों से चर्चा शुरू कर दी है, जबकि लुटनिक अपने पुराने संबंधों को लेकर विवादों में घिरे हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर व्हाइट हाउस इन खबरों का खंडन कर रहा है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति छोटे लेकिन असरदार बदलावों की रणनीति पर काम कर रहे हैं ताकि सरकार की सक्रियता का संदेश दिया जा सके।ट्रंप के लिए सबसे बड़ी चुनौती जनता का मिजाज है। एक अनुमान के मुताबिक, लगभग 60 प्रतिशत अमेरिकी नागरिक इस युद्ध के खिलाफ हैं। उन्हें डर है कि लंबी खिंचती यह लड़ाई देश पर भारी आर्थिक बोझ डाल देगी। ट्रंप के अपने समर्थकों में भी बढ़ती कीमतों को लेकर बेचैनी साफ देखी जा सकती है। इसके अलावा, ट्रंप युद्ध की मीडिया कवरेज से भी खासे नाराज हैं और अपनी टीम से अधिक सकारात्मक खबरें सुनिश्चित करने को कहा है। फिलहाल, वाशिंगटन के गलियारों में चर्चा आम है कि पाम बॉन्डी के बाद अभी कई और बड़े चेहरों की छुट्टी हो सकती है।