बांग्लादेश आम चुनाव में बीएनपी को मिली बंपर जीत, तारिक रहमान का पीएम बनना तय

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ढाका । बांग्लादेश में गुरुवार को हुए 13वें संसदीय चुनाव के बाद जारी मतगणना में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) को प्रचंड बहुमत मिलता दिखाई दे रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान के नेतृत्व में पार्टी ने 17 वर्षों बाद सत्ता में वापसी की ओर कदम बढ़ाया है। शुरुआती नतीजों के अनुसार कुल 300 सदस्यीय संसद की 299 सीटों पर हुए चुनाव में बीएनपी ने 212 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है, जबकि कई अन्य सीटों पर उसके उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं। बहुमत के लिए 150 सीटों की आवश्यकता होती है।
गौरतलब है कि गुरुवार शाम मतदान समाप्त होने के साथ ही मतगणना का कार्य शुरु हो गया था। संसद की 299 सीटों पर मतदान हुआ, जबकि शेरपुर-3 सीट पर एक उम्मीदवार के निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया। संसद की 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गईं हैं, जिनका चयन सामान्य सीटों पर दलों के प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है।
बांग्लादेश का यह आम चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। दरअसल पहली बार ऐसा हुआ जब अवामी लीग की प्रमुख शेख हसीना चुनावी मैदान में नहीं थीं। पार्टी का पंजीकरण निलंबित होने के कारण वह चुनाव नहीं लड़ सकी। वहीं, पिछले वर्ष दिसंबर में खालिदा जिया के निधन के बाद तारिक रहमान निर्वासन से लौटे और तेजी से प्रधानमंत्री पद के प्रमुख दावेदार बनकर उभरे हैं। बीएनपी का मुख्य मुकाबला बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन से रहा, जिसे लगभग 70 सीटें मिलने का अनुमान है। उल्लेखनीय है कि जमात कभी बीएनपी की सहयोगी रही है।
खास बात यह है कि आम चुनाव के साथ ही जुलाई के राष्ट्रीय चार्टर पर जनमत संग्रह भी कराया गया, जिसमें प्रधानमंत्री के कार्यकाल को दो कार्यकाल (10 वर्ष) तक सीमित करने, उच्च सदन के गठन और कार्यवाहक सरकार प्रणाली की बहाली जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। अंतरिम सरकार के प्रमुख और नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस ने चुनाव को नई आजादी और नए बांग्लादेश का जन्मदिन बताया। हालांकि, शेख हसीना ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए परिणाम रद्द करने और अंतरिम सरकार के इस्तीफे की मांग की है।