रानी रूपमती हैंडलूम स्टार्टअप का किया शुभारंभ; बोले- स्थानीय कला को जीवित रख रहीं कर्मठ महिलाएं ::
मांडू/इंदौर । मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने ऐतिहासिक नगरी मांडू के प्रवास के दौरान यहाँ की विश्व प्रसिद्ध बाघ प्रिंट हस्तशिल्प कला का गहन अवलोकन किया। शनिवार को उन्होंने स्थानीय कलाकार नेहा जायसवाल के केंद्र पर पहुँचकर प्राकृतिक रंगों और पारंपरिक लकड़ी के ठप्पों (ब्लॉक) के माध्यम से कपड़े पर उकेरी जा रही जादुई कलाकृतियों को देखा। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। राज्यपाल ने यहाँ नए हैंडलूम स्टार्टअप का फीता काटकर विधिवत उद्घाटन भी किया।
अवलोकन के दौरान राज्यपाल पटेल ने बाघ प्रिंटिंग की जटिल और धैर्यपूर्ण प्रक्रिया को विस्तार से समझा। उन्होंने कपड़े को भिगोने से लेकर, हरड़ा पाउडर के लेपन और फिटकरी व हल्दी जैसे शुद्ध प्राकृतिक रंगों के प्रयोग की पारंपरिक विधि को प्रत्यक्ष देखा। कलाकार नेहा जायसवाल ने राज्यपाल को अवगत कराया कि यह पूर्णतः हस्तनिर्मित प्रक्रिया है, जिसमें एक कपड़े को तैयार करने में लगभग 25 दिनों का समय लगता है। राज्यपाल ने इस कला की सूक्ष्मता और इसमें निहित मेहनत की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
राज्यपाल ने केंद्र पर जनजातीय महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों और हस्तशिल्प की सराहना करते हुए कहा कि ये महिलाएं न केवल हमारी प्राचीन कला और संस्कृति को जीवित रख रही हैं, बल्कि आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में भी अनुकरणीय कार्य कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं से उनके अनुभवों पर सीधा संवाद किया और उनके कौशल को सराहा। केंद्र पर प्रदर्शित जनजातीय वेशभूषा और अन्य हस्तशिल्प उत्पादों के बारे में भी राज्यपाल ने रुचिपूर्वक जानकारी ली।
इस प्रवास के दौरान राज्यपाल ने रानी रूपमती हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट के माध्यम से शुरू किए गए नए स्टार्टअप के प्रति अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए ऐसे स्टार्टअप महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। राज्यपाल ने ज़ोर दिया कि वोकल फॉर लोकल के मंत्र को अपनाकर ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत किया जा सकता है। उन्होंने जनजातीय कला को प्रोत्साहित करने के लिए शासन और प्रशासन के प्रयासों पर भी संतोष व्यक्त किया।

